शौकत मोल्ला की हिरासत पर भाजपा का हमला, नेताओं ने कहा- भुगतना पड़ेगा कर्मों का परिणाम

कोलकाता, 6 जून . पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर विस्फोट मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और कैनिंग पूर्व क्षेत्र के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और दोषियों को उनके कर्मों का परिणाम भुगतना होगा.

भाजपा नेता सुब्रत ठाकुर ने एनआईए की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसी ने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है या अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में जो तथ्य सामने आएं, उसके आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए. ठाकुर ने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए.

भाजपा नेता संजय सिंह ने कहा कि जो भी व्यक्ति गलत काम करेगा, उसे कानून का सामना करना ही पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक कुछ लोगों ने अपने प्रभाव के दम पर कानून को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन अब कानून का शासन स्थापित हो रहा है. जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और यदि किसी के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है.

वहीं, भाजपा नेता अशोक कीर्तनिया ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गलत कार्यों का परिणाम अंततः भुगतना ही पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय तक आम लोगों को परेशान किया गया और अब कानून अपना काम कर रहा है. कीर्तनिया ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके Political पद या प्रभाव के आधार पर छूट नहीं मिलनी चाहिए.

भाजपा नेता अरुण हलदर ने शौकत मोल्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के कई विवादित मामलों में उनका नाम सामने आता रहा है. भांगर क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं और विभिन्न आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यदि जांच एजेंसियों को किसी बड़े नेटवर्क या साजिश के प्रमाण मिलते हैं तो उन्हें भी उजागर किया जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचेंगी.

भाजपा प्रवक्ता कौस्तव बागची ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम पूरी स्वतंत्रता के साथ करने दिया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि आगे की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं. बागची ने कहा कि किसी भी मामले में सच्चाई सामने आना जरूरी है और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.

पीआईएम/एबीएम

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