महिलाओं को लेकर पप्पू यादव के बयान पर भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस ने की कड़ी निंदा

Patna, 22 अप्रैल . पूर्णिया Lok Sabha से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर बिहार में Political बयानबाजी तेज हो गई है. एनडीए और विपक्षी दलों के नेताओं ने एक स्वर में पप्पू यादव के बयान की निंदा की है.

कांग्रेस सांसद अभिषेक रंजन ने से बात करते हुए कहा, “टिप्पणी उनकी निजी राय थी. तमाम लीडर सेक्स स्कैंडल में फंसते रहते हैं. इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता. पप्पू यादव के स्टेटमेंट पर मैं ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, यह उनकी निजी राय है. कुछ हद तक इसमें सच्चाई भी है.”

राजद विधायक आलोक कुमार मेहता ने साफ कहा, “किसी के द्वारा महिलाओं के मान-सम्मान के विपरीत या उन्हें ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान का हम समर्थन नहीं करते.”

आरएलएम विधायक माधव आनंद ने पप्पू यादव के संसदीय अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, “पप्पू यादव कई बार सांसद रह चुके हैं. ऐसे अनुभवी नेता द्वारा ऐसा बयान देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इस बयान की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है.”

लोजपा विधायक राजू तिवारी ने बयान की निंदा करते हुए कहा, “नारी शक्ति की इस देश में पूजा की जाती है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान है.”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव के बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, “महिलाओं के प्रति इस तरह की असंवेदनशीलता बहुत गलत है. इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता. ‘इंडी’ गठबंधन, कांग्रेस, सपा और राजद ने दशकों तक नारी शक्ति अधिनियम जैसे प्रगतिशील कानून को रोककर रखा. जब ऐतिहासिक मौका था, तब उन्होंने नारी शक्ति अधिनियम को रोककर बहुत बड़ा अत्याचार किया. उन्हें इतिहास और मातृ शक्ति कभी माफ नहीं करेगी.”

जदयू नेता श्रवण कुमार ने कहा, “किसी के बारे में ऐसी ओछी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. अगर ऐसा किया है तो सार्वजनिक रूप से उन्हें माफी मांगनी चाहिए.”

जदयू नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा, “इतना शर्मनाक बयान है, जिस पर मैं टिप्पणी नहीं देना चाहता. वे इतने बड़े नेता हैं और कई साल से सांसद हैं. वह कैसे इस तरह का बयान दे सकते हैं, मुझे समझ नहीं आता.”

इस विवाद के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कई महिला संगठनों और नेताओं ने पप्पू यादव की Lok Sabha सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की है.

एससीएच/वीसी

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