
New Delhi, 20 अप्रैल . संसद में विपक्ष के विरोध के चलते महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो पाया. भाजपा शासित प्रदेशों में इस मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इसे भाजपा का ड्रामा बताया है.
New Delhi में से बातचीत में कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भाजपा से सीखने की कोई जरूरत नहीं है कि महिलाओं का सम्मान कैसे किया जाता है. कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने की बात की है. उन्होंने कहा कि भाजपा का ड्रामा जनता भी जान चुकी है और यह आगे नहीं चलेगा.
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के ड्रामे को एक्सपोज करने के लिए हम जगह-जगह मार्च निकालेंगे और कहेंगे कि 543 सीटों पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए. हम आक्रामक तरीके से कदम उठाएंगे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि स्वतंत्र India में पुरुष और महिला दोनों को समान रूप से एक वोट का अधिकार होगा, जबकि अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में यह अधिकार लंबे संघर्ष के बाद मिला.
कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है. 2029 में महिला आरक्षण का प्रश्न न उठे, इसलिए उन्होंने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के साथ परिसीमन का मामला जोड़ दिया. वे जानते थे कि परिसीमन के कई राज्यों में कई सवाल हैं. इसलिए उन्होंने परिसीमन का मामला जोड़ा ताकि बिल पारित न हो.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण को लागू न करने की है और उन्होंने इसे जानबूझकर जटिल बना दिया है.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर हरीश रावत ने कहा कि ओवैसी और भाजपा, ये दोनों भाई-भाई हैं. दोनों एक ही तरीके की बात करते हैं. दोनों का लक्ष्य कांग्रेस और लोकतांत्रिक शक्तियों को कमजोर करना है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संस्कृत संबंधी वाले बयान पर हरीश रावत ने कहा कि संस्कृत हमारा अभिमान है, हमारा अतीत है. यह एक भाषा है और ज्ञान का खजाना है. लोगों को इस ज्ञान को अर्जित करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भाजपा के समय में तो ड्रामा हो रहा है. हमने उत्तराखंड में अपने समय में संस्कृत की सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोली थी, लेकिन भाजपा Government उस यूनिवर्सिटी को सही तरीके से संचालित नहीं कर पा रही है.
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डीकेएम/वीसी