जनता इमरजेंसी को न भूले, इसलिए भाजपा हर साल मनाती है संविधान हत्या दिवसः दिलीप जायसवाल

Patna, 25 जून . बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने संविधान हत्या दिवस, भरत तिवारी हत्याकांड और नीट के सफल आयोजन पर प्रतिक्रियाएं दीं. उन्होंने कहा कि जनता इमरजेंसी को न भूले, इसलिए भाजपा हर साल ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाती है.

इमरजेंसी की 51वीं बरसी को लेकर मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने से बातचीत में कहा, “जून 1975 का दौर कांग्रेस और इंदिरा गांधी के कार्यकाल का एक काला अध्याय है, जब लोकतंत्र की हत्या की गई थी, उसको देश कभी नहीं भूल सकता. आज बंगाल का उदाहरण लें, कई सालों तक ममता बनर्जी के शासन में हिंसा की खबरें आती रहीं. इसके बावजूद, भाजपा और एनडीए Government ने वहां की चुनी हुई Government को नहीं गिराया और न ही President शासन लगाया. 1975 में जिस तरीके से लोकतंत्र की हत्या की गई और जनता के अधिकार को छीना गया, उसको जनता कभी नहीं भूलेगी, इसलिए इस दिन को हम ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाते हैं.”

नीट की दोबारा परीक्षा के सफल आयोजन पर Prime Minister Narendra Modi द्वारा पूरी टीम की सराहना करने पर दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “इस मामले में गलत जानकारी फैलाने के लिए विदेशी एजेंसियों, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था. Government ने बहुत सावधानी से नीट की दोबारा परीक्षा आयोजित की और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया. 140 करोड़ की आबादी वाले इतने बड़े देश में इस परीक्षा का सफल आयोजन वाकई तारीफ के काबिल है.”

बिहार कैबिनेट की ओर से भरत तिवारी हत्याकांड की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी देने पर उन्होंने कहा, “न्यायिक जांच की स्वीकृति Wednesday को कैबिनेट बैठक में ली गई थी. हाईकोर्ट के जज अब इस मामले की जांच करेंगे. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”

एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में वेदों को शामिल करने पर दिलीप जायसवाल ने कहा, “देश की सनातन संस्कृति को पढ़ना अच्छी बात है. अगर हम अपनी संस्कृति को भूल जाएंगे तो देश कैसे बचेगा.”

पीएम

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