बीजू पटनायक पर निशिकांत दुबे की टिप्पणी के बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने संसदीय पैनल से दिया इस्तीफा

भुवनेश्वर, 29 मार्च . बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने BJP MP निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और आईटी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह कदम हाल ही में दुबे द्वारा बीजू Patnaयक के खिलाफ कथित तौर पर दिए गए एक अपमानजनक बयान के विरोध में उठाया है.

Saturday को राज्यसभा के सभापति को लिखे एक पत्र में पात्रा ने पहले लिखा था, “विरोध स्वरूप, और एक सिद्धांत के तौर पर, मैं निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं. मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर, ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन काम जारी नहीं रख सकता, जो स्वर्गीय बीजू Patnaयक के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करता हो, जैसा कि उसने आज एक सार्वजनिक बयान में किया.”

बीजद नेता ने राज्यसभा सभापति से यह भी आग्रह किया कि वे उक्त समिति से उनका इस्तीफा स्वीकार करें और इसे Lok Sabha अध्यक्ष को भेज दें, क्योंकि यह समिति Lok Sabha के अधीन है.

अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पात्रा ने भाजपा नेता के बयान पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया और इन टिप्पणियों को बीजू Patnaयक के खिलाफ किए गए अपमानजनक, झूठे और गैर-जिम्मेदाराना आरोप बताया. बीजू Patnaयक एक महान स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी नेता और इस धरती के सपूत थे, जिनका राष्ट्र निर्माण में योगदान निर्विवाद है.

पात्रा ने आगे कहा, “इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने और Political स्वार्थ के लिए एक सम्मानित नेता को बदनाम करने के ऐसे प्रयास अस्वीकार्य और निंदनीय हैं.”

Odisha के इस महान पूर्व Chief Minister को एक राष्ट्रीय प्रतीक बताते हुए बीजद नेता ने कहा कि बीजू Patnaयक की विरासत हमेशा ओछी राजनीति से कहीं ऊपर रहेगी.

इस बीच, कई अन्य बीजद नेताओं ने भी पूर्व Chief Minister बीजू Patnaयक के खिलाफ दुबे द्वारा की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई.

बीजद सांसद सुभाशीष खुंटिया ने कहा, “मैं निशिकांत दुबे द्वारा महान बीजू Patnaयक के खिलाफ की गई घोर और अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता हूं. इतिहास की सच्चाई से कोसों दूर, ऐसे बेबुनियाद और सोचे-समझे बिना दिए गए बयान, एक महान स्वतंत्रता सेनानी और Odisha के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के गौरव और शौर्य के प्रतीक का घोर अपमान हैं.”

बता दें कि 27 मार्च को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दुबे ने दावा किया था कि जवाहरलाल नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी समर्थन और सीआईए एजेंटों के सहयोग से लड़ा था, जबकि उस समय Odisha के Chief Minister रहे बीजू Patnaयक ने अमेरिकी Government, सीआई और नेहरू के बीच एक कड़ी (मध्यस्थ) के रूप में काम किया था.

एससीएच/डीएससी

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