पहलगाम आतंकी हमला: ईशा कोप्पिकर से लेकर रूपाली गांगुली ने दी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि

Mumbai , 22 अप्रैल . 22 अप्रैल 2025 के दिन ही पहलगाम की बैसरन घाटी लहूलुहान हो गई थी क्योंकि इसी दिन Pakistanी आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों को मौत के घाट उतार दिया था.

घटना के बाद देश में रोष उत्पन्न हुआ और कुछ ही दिन बाद ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया. घटना के एक साल बीत जाने के बाद भी लोगों के घाव नहीं भर पा रहे हैं और हिंदी सिनेमा व टीवी से जुड़े कलाकार नम आंखों से घटना में मारे गए मासूम लोगों को याद कर रहे हैं.

‘एक विवाह ऐसा भी’ फिल्म की Actress ईशा कोप्पिकर ने social media पर वीडियो शेयर किया है और हमले को कभी न भूलने को कहा है. Actress का कहना है कि एक साल बाद भी घाव उतने ही ताजा और दुख देने वाले हैं. उन्होंने लिखा, एक साल बाद…आज भी वैसा ही एहसास होता है, आज भी याद आता है और भूलना नामुमकिन हैं.

वहीं बिग बॉस में अपने लड़ाके अवतार के लिए फेमस फरहान भट्ट ने भी घटना को याद किया है और जिन लोगों ने जान गंवाई, उन्हें श्रद्धांजिल अर्पित की. फरहाना ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बैसारन घाटी में हुई त्रासदी को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन उसकी खामोशी आज भी गूंज रही है. हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और हम एक ऐसे भविष्य के लिए खड़े हैं जहां इस तरह के दर्द का कोई स्थान न हो.” बता दें कि फरहाना कश्मीर की रहने वाली मॉडल और Actress हैं और पहलगाम हमले पर भी उन्होंने पहले भी खुलकर बात की थी.

वहीं, रियलिटी शो से टीवी पर डेब्यू पर खुशबू पाटनी ने भी social media पर वीडियो पोस्ट कर जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. पोस्ट पर लिखा है, “न कभी भूलेंगे और न ही कभी मांग करेंगे.”

वहीं टीवी की अनुपमा यानी रूपाली गांगली ने भी घटना को याद कर घटना को कभी न भूलने का संकल्प लिया है. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म पर लिखा, “पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद भी लोगों का गुस्सा अभी भी ताजा है. निर्दोषों पर हमला किया गया और उनकी पहचान को निशाना बनाया गया. आज हम उन्हें शोक और दृढ़ संकल्प के साथ याद करते हैं. India उन्हें कभी नहीं भूलेगा.”

बता दें कि पहलगाम हमले के बाद से लेकर अब तक घाटी को Government ने बंद कर रखा है. बीते एक साल से घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बंद है. हालांकि घाटी के आसपास के टूरिस्ट प्लेस खुले हैं लेकिन गोलियों की गूंज के बाद बैसरन घाटी आज तक सुनसान है. इससे कश्मीर के स्थानीय लोगों के व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है.

पीएस/पीएम

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