
New Delhi, 8 अप्रैल . India और तुर्की ने Wednesday को New Delhi में अपने 12वें विदेश कार्यालय परामर्श सत्र का आयोजन किया. इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, पर्यटन, तकनीक और नवाचार, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग, आम लोगों के बीच संबंध और सीमा पार आतंकवाद से लड़ाई जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की.
इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय (एमईए) में पश्चिमी मामलों की सचिव सीबी जॉर्ज और तुर्की की विदेश मंत्रालय की उप-मंत्री बेरिस एकिनसी ने की. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए.
एमईए की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, “भारत-तुर्की के 12वें विदेश कार्यालय परामर्श सत्र 8 अप्रैल को New Delhi में आयोजित किए गए. इस बैठक में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज और तुर्की की उप-मंत्री बेरीस एकिंसी ने सह-अध्यक्षता की. दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश, पर्यटन, तकनीक और नवाचार, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में सहयोग, आम लोगों के बीच संबंध और सीमा पार आतंकवाद से लड़ाई पर चर्चा की. इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए.”
भारत-तुर्की का पिछला विदेश कार्यालय परामर्श सत्र 2022 में अंकारा में हुआ था. Wednesday को दोनों देशों ने अगली बैठक तुर्की में आयोजित करने पर सहमति जताई.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 2024 में वियनतियाने में विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अपने तुर्की समकक्ष हाकान फिदान के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी.
सितंबर 2023 में Prime Minister Narendra Modi ने Dubai में सीओपी28 के दौरान तुर्की के President रजब तैयप एर्दोगन से मुलाकात की थी. इसके अलावा, एर्दोगन ने 2023 में New Delhi में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए India का दौरा किया था.
India ने 2023 में दक्षिण तुर्की में आए भूकंप के बाद ‘ऑपरेशन दोस्त’ नामक एक बड़ा मानवीय सहायता अभियान शुरू किया था. इसके तहत India ने राहत सामग्री भेजी, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की खोज और बचाव टीम भेजी और भारतीय सेना की ओर से मोबाइल फील्ड अस्पताल भी लगाया गया.
–
एवाई/डीकेपी