
Patna, 20 अप्रैल . भाजपा के Patna के कारगिल चौक और गांधी मैदान में जन आक्रोश महिला मार्च और जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जाने पर राजद ने सवाल खड़े किए हैं.
राजद प्रदेश कार्यालय में Monday को एक प्रेस वार्ता में मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि नारी वंदन के नाम पर भाजपा और एनडीए ने ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ के लिए जो आक्रोश मार्च निकाला था, उससे भाजपा की पोल खुल गई और एनडीए के अंदर एकता भी नहीं दिखी. जीविका दीदी को झूठ बोलकर बुलाया गया और भीड़ जुटाने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया, जो कहीं से भी उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि महिला आक्रोश के नाम पर प्रतिबंधित क्षेत्र कारगिल चौक की सड़क को घेरकर, बीच सड़क पर मंच लगाकर भाजपा ने न सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग किया, बल्कि कानून का भी उल्लंघन किया और यह दिखा दिया कि सत्ता के रौब में उनके द्वारा कुछ भी किया जा सकता है.
राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि भाजपा का महिला के प्रतिनिधित्व के प्रति कितनी चिंता रही है, यह इस आंकड़े से ही स्पष्ट हो जाता है. Lok Sabha चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने 29 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया, वहीं विधानसभा चुनाव में 17 प्रतिशत और विधान परिषद में 21.4 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है.
उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वे सार्वजनिक करें कि Lok Sabha, विधानसभा और विधान परिषद में कितनी प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया गया है. महिला के सम्मान के नाम पर भाजपा सिर्फ राजनीति करती है, यह बात पहले से ही स्पष्ट हो गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आक्रोश मार्च में जनता दल (यू) की विधायक और पूर्व मंत्री लेशी सिंह रुठ कर चली गईं, क्योंकि भाजपा ने उन्हें सम्मान नहीं दिया. Chief Minister सम्राट चौधरी ने प्रतिबंधित क्षेत्र में मंच लगाकर कानून का उल्लंघन किया. भाजपा इस बात का भी जवाब नहीं दे रही है कि महिला आरक्षण के नाम पर कोटा के अंदर कोटा देने से डर क्यों रही है. महिलाओं के आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं देना चाहती है, भाजपा को बताना चाहिए.
प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता सह विधान पार्षद डॉ. उर्मिला ठाकुर, एजाज अहमद, उत्पल बल्लभ, अरुण कुमार यादव एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता उपेंद्र चंद्रवंशी भी थे.
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एमएनपी/डीकेपी