
Patna, 30 दिसंबर . बिहार Government और राज्य Police ने नए साल के जश्न से पहले सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं. नए साल के जश्न के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने Tuesday को सभी जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) और Police अधीक्षकों (एसपी) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में पूरे राज्य में शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई और मुख्य रूप से 31 दिसंबर और 1 जनवरी, 2026 को प्रभावी कानून व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित थी.
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान कानून व्यवस्था के सख्त प्रवर्तन के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए.
उन्होंने जिला प्रशासन को भीड़भाड़ वाले इलाकों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, प्रमुख चौराहों, पार्कों और पिकनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया.
मुख्य सचिव अमृत ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना, गड़बड़ी या विवाद की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए.
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव अमृत ने सभी संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर cctv कैमरे लगाने और मौजूदा कैमरों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया.
उन्होंने शीत लहर के मद्देनजर जिला अधिकारियों को जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव जलाने की पर्याप्त व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया.
स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्य सचिव अमृत ने अधिकारियों को अस्पतालों का निरीक्षण करने और मरीजों के लिए कंबल की उपलब्धता और चिकित्सा कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक सभा स्थलों पर पर्याप्त Police बल तैनात करने का भी आदेश दिया गया ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.
बैठक के दौरान, बिहार के Police महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने यह भी कहा कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान युवाओं में शराब और नशीली दवाओं का सेवन बढ़ जाता है, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
डीजीपी कुमार ने आगे कहा कि Police को निर्देश दिया गया है कि जहां भी अवैध शराब या नशीली दवाओं के संबंध में सूचना मिले, वहां नियमित रूप से छापेमारी की जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
डीजीपी ने तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्याप्त Police बल तैनात करने का निर्देश दिया.
वरिष्ठ Police अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीनस्थों को कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी दें और उनसे उचित रूप से बातचीत करें.
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एमएस/डीकेपी