
गुवाहाटी, 5 अगस्त . अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने Wednesday को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली असम Government पर एक बार फिर हमला बोला. उन्होंने असम Government के नेताओं पर सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और Political दलों से धार्मिक पहचान के बजाय मानवता पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया.
बारपेटा जिले के दौरे के दौरान बोलते हुए अजमल ने आरोप लगाया कि हिंदू-मुस्लिम मुद्दों का बार-बार जिक्र समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा कर रहा है और लोगों की वास्तविक चिंताओं से ध्यान भटका रहा है.
एक सभा को संबोधित करते हुए पूर्व Lok Sabha सांसद ने कहा कि व्यक्तियों को धर्म के चबूतरे से नहीं, बल्कि सर्वप्रथम मनुष्य के रूप में पहचाना जाना चाहिए. आप न तो हिंदू बनेंगे और न ही मुसलमान…आप मनुष्य की संतान हैं. मुझे नहीं पता कि वे कब मनुष्य बनेंगे.
अपने हमले को तेज करते हुए एआईयूडीएफ प्रमुख ने आरोप लगाया कि विभाजनकारी बयान देने वालों को जनमत को प्रभावित करने की कोशिश करने से पहले मानवता के साथ व्यवहार करना सीखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले लोग इंसान नहीं हैं, वे जानवरों से भी बदतर हैं. उनसे कहिए कि वे पहले इंसान बनें. कम से कम एक बार तो हिंदू और मुसलमान की बात करना बंद करें.
अजमल ने Political नेताओं से आग्रह किया कि वे धर्म को सार्वजनिक चर्चा का केंद्र न बनाएं और इसके बजाय विकास, आजीविका और सामाजिक सद्भाव सहित आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें.
उनकी ये टिप्पणियां असम में धर्म, पहचान और समुदाय आधारित राजनीति को लेकर जारी Political खींचतान के बीच आई हैं, जिसमें सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं.
भाजपा लगातार यह कहती रही है कि उसकी नीतियां समाज के सभी वर्गों के लिए समान विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं और उसने विभाजनकारी राजनीति करने के आरोपों को खारिज कर दिया है.
असम की सत्ताधारी पार्टी ने एआईयूडीएफ पर पहचान आधारित राजनीति में लिप्त होने और सांप्रदायिक आधार पर वोट बटोरने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया है.
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एमएस/