
कोलकाता, 5 अगस्त . पश्चिम बंगाल भाजपा ने राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे विधानसभा सत्र न होने पर भी पार्टी संबद्धता की परवाह किए बिना, हर हफ्ते विधायकों से मिलें. यह समन्वय में सुधार लाने और स्थानीय विकास के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से संबोधित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है.
विधानसभा में भाजपा के विधायक दल के मुख्य सचेतक अमलान भादुरी ने मौजूदा राज्य मंत्रियों को निर्देश जारी किया है कि वे सदन के सत्र में न होने पर भी सप्ताह में एक बार विधायकों से मिलें. निर्देश में मंत्रियों से कहा गया है कि वे स्थानीय क्षेत्र के विकास संबंधी उनके सुझावों पर ध्यान दें और उन पर कार्रवाई करें.
मंत्रियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे मुख्य सचेतक के कार्यालय को ऐसी मुलाकातों के लिए अपने पसंदीदा दिन की जानकारी दें. इसके बाद एक औपचारिक कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी, जिसमें मंत्रियों की विधायकों से मुलाकात के दिनों का विवरण होगा. ये बैठकें विधानसभा परिसर में मंत्रियों के लिए निर्धारित कमरों में आयोजित की जाएंगी.
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि Chief Minister सुवेंदु अधिकारी भी साप्ताहिक संवाद तंत्र का हिस्सा होंगे या नहीं.
यह कदम विधानसभा के हाल ही में समाप्त हुए विस्तारित बजट सत्र के दौरान Chief Minister द्वारा दिए गए बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि मंत्रियों को अपने विधानसभा कार्यालयों का उपयोग केवल प्रतीकात्मक स्थानों के रूप में नहीं, बल्कि विधायकों के साथ नियमित संवाद के मंच के रूप में करना चाहिए. उन्होंने विधायकों की चिंताओं को सुनने और उनके निर्वाचन क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया था.
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, विधायकों को अपनी शिकायतें, सुझाव और स्थानीय मुद्दे संबंधित मंत्रियों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने होंगे. इस पहल का उद्देश्य जनता की शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार करना है.
इस साल मई में पदभार संभालने के बाद से सुवेंदु अधिकारी ने शासन और सेवा वितरण को सुव्यवस्थित करने के लिए मंत्रियों और विधायकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बार-बार जोर दिया है. भाजपा विधायकों का मानना है कि साप्ताहिक बैठकें निर्वाचन क्षेत्र-विशिष्ट मुद्दों को उठाने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करेंगी, जो विधानसभा सत्रों की व्यस्तता के कारण अक्सर मुश्किल होता है.
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एसएचके/एएस