रक्षा बंधन से पहले राजस्थान पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एडवाइजरी जारी की

jaipur, 18 अगस्त . Rajasthan साइबर क्राइम Police ने Tuesday को रक्षाबंधन से पहले एडवाइजरी जारी की, जिसमें लोगों को साइबर थीम वाले धोखाधड़ी के संबंध में चेतावनी जारी की गई है.

खबरों के मुताबिक, धोखेबाज लोग त्योहार का फायदा उठाकर फर्जी एपीके फाइलें, फिशिंग लिंक, उपहारों के ऑफर और कूरियर संदेश भेजकर व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुरा रहे हैं.

Police महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए Rajasthan साइबर क्राइम Police ने नागरिकों से सतर्क रहने और अज्ञात फाइलों को डाउनलोड करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने का आग्रह किया है.

अतिरिक्त Police महानिदेशक (साइबर अपराध) वीके सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी व्हाट्सएप के माध्यम से ‘रक्षाबंधनडॉटग्रिटिंगडॉटएपीके’ और ‘फैस्टिवलडॉटग्रिफ्टडॉटएपीके जैसी फाइलें भेज रहे हैं.

इस तरह की एपीके फाइलों को डाउनलोड और इंस्टॉल करने से साइबर अपराधियों को मोबाइल फोन पर मौजूद संवेदनशील जानकारी और कार्यों तक पहुंच मिल सकती है, जिसमें कैमरा, गैलरी, संदेश और बैंकिंग एप्लिकेशन शामिल हैं.

धोखेबाज रक्षा बंधन के विशेष ऑफर, मुफ्त गिफ्ट वाउचर, मोबाइल रिचार्ज और भारी छूट के आकर्षक संदेश भेज रहे हैं. इन संदेशों में अक्सर फर्जी वेबसाइटों के लिंक होते हैं, जिनका उद्देश्य बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य व्यक्तिगत डेटा चुराना होता है.

Police ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे लिंक पर क्लिक न करें, भले ही प्रस्ताव किसी परिचित ब्रांड या संपर्क से आया हुआ प्रतीत हो.

साइबर अपराधी रिश्तेदारों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके फर्जी social media या व्हाट्सएप प्रोफाइल भी बना सकते हैं और फिर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कह सकते हैं.

एक अन्य आम तरीका यह है कि भाई या बहन द्वारा कूरियर सेवा के माध्यम से राखी या उपहार भेजने का दावा करते हुए संदेश भेजे जाते हैं. पीड़ितों से डिलीवरी लिंक पर क्लिक करने या थोड़ी सी फीस देने के लिए कहा जा सकता है, जिससे उनकी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी उजागर हो सकती है.

Rajasthan Police ने लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है, जैसे कि अज्ञात एपीके फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचना; वाट्सएप के मीडिया ऑटो-डाउनलोड फीचर को बंद करना; वाट्सएप और अन्य महत्वपूर्ण खातों पर दो-चरणीय सत्यापन सक्षम करना; उपहार, कूपन, छूट या रिचार्ज की पेशकश करने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना; संदिग्ध संदेशों या पैसे के अनुरोधों की पुष्टि संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करके करना; और किसी के साथ भी बैंकिंग क्रेडेंशियल, ओटीपी, पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना.

Police ने विशेष रूप से नागरिकों से आग्रह किया कि वे संभावित रूप से हानिकारक फाइलों को स्वचालित रूप से प्राप्त करने के जोखिम को कम करने के लिए व्हाट्सएप की मीडिया ऑटो-डाउनलोड सुविधा को निष्क्रिय कर दें.

साइबर धोखाधड़ी के मामले में नागरिकों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और वे निकटतम Police स्टेशन में घटना की रिपोर्ट कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन ‘1930’ पर कॉल कर सकते हैं.

साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबरक्राइमडॉटगॉवडॉटइन के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं.

Rajasthan Police ने सहायता के लिए साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी उपलब्ध कराए हैं.

Police ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारी मौसम के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या भुगतान अनुरोध पर कार्रवाई करने से पहले उसकी पुष्टि करें.

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एसएचके/डीकेपी

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