इटली से पहले इथोपिया और मॉरीशस समेत इन देशों में भी पीएम मोदी ने लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’

New Delhi, 21 मई . India के Prime Minister Narendra Modi स्वदेश लौट आए हैं. पांच दिवसीय विदेश यात्रा का आखिरी पड़ाव इटली था. यहां कार डिप्लोमेसी से लेकर दोस्ती के हल्के फुल्के ‘मेलोडी’ रंग भी दिखे. पीएम मोदी ने काशी और रोम के बीच की समानता का भी जिक्र किया. खास पल वो भी रहा जब पीएम मोदी और मेलोनी पौधारोपण किया. पर्यावरण दिवस (5 जून 2024) को शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत Prime Minister कई देशों में पौधा लगा चुके हैं.

माई जीओवी ने पीएम मोदी के इस अभियान के तहत देश-दुनिया में लगाए गए पौधों की क्लिप साझा की है. इसमें 2025 में वे इथोपिया, मालदीव, यूके, त्रिनिदाद एंड टुबैगो और मॉरीशस में पर्यावरण के प्रति अपना योगदान दे रहे हैं, तो New Delhi स्थित हैदराबाद हाउस परिसर में मंगोलिया के President खुरेल्सुख उखना की मां की याद में पौधा लगाते दिखे. 2024 में पीएम ने गुयाना में इस अभियान के तहत पौधारोपण किया था.

हाल ही में अपनी इतालवी समकक्ष मेलोनी के साथ पीएम मोदी ने रोम में इस अभियान को धार दी. उनके साथ मिलकर एक पौधा लगाया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, Prime Minister Narendra Modi और Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी ने रोम में एक काला शहतूत का पौधा लगाया. India में ‘कृष्ण तूत’ के नाम से पहचाना जाने वाला यह पौधा अपने खान-पान, औषधीय और सांस्कृतिक महत्व के जरिए India और इटली को जोड़ता है. यह पौधा लगाना ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल की दिशा में एक और कदम है जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता और टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देता है.

पौधारोपण के पीछे एक संदेश भी छिपा है. ये स्थिरता, सांस्कृतिक जुड़ाव, और हरित भविष्य का प्रतीक बताई जाती है, वहीं सांस्कृतिक जुड़ाव जिसका पीएम मोदी ने इटली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिक्र भी किया था. उन्होंने कहा कि रोम और काशी प्राचीन नगर हैं. रोम को विश्व में ‘शाश्वत नगर’ के रूप में जाना जाता है. India में मेरा Lok Sabha क्षेत्र, काशी, भी इसी नाम से प्रसिद्ध है. जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो चर्चाएं किसी एजेंडा तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक, और मित्रता की सादगी दिखाई देती है.

केआर/

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