
New Delhi, 22 मार्च . अतुल वासन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे हैं. वासन का करियर बहुत छोटा रहा था, लेकिन जितने भी मैच उन्हें खेलने को मिले, उसमें अपने प्रदर्शन से उन्होंने प्रभावित किया था.
वासन का जन्म 23 मार्च 1968 को दिल्ली में हुआ था. दिल्ली क्रिकेट का गढ़ रहा है और इसी का प्रभाव वासन पर भी पड़ा. लंबी कद के वासन एक बेहतरीन तेज गेंदबाज थे. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के दमदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 22 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू का मौका मिला. वासन ने 1990 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था. उनका करियर लगभग 1 साल का रहा. इस दौरान करियर के सभी 4 टेस्ट उन्होंने विदेशी धरती पर खेले और टीम में स्थापित गेंदबाजों से प्रभावी प्रदर्शन किया.
1990 में न्यूजीलैंड दौरे पर वासन ने तीनों टेस्ट मैच खेले और सात विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे. न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दौरों पर, कपिल देव और मनोज प्रभाकर जैसे दिग्गजों के बीच वासन का गेंदबाजी औसत सबसे बेहतर रहा. इंग्लैंड दौरे पर एकमात्र टेस्ट में वासन को मौका मिला और उसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया. इसके बाद उन्हें कभी मौका नहीं मिला. उन्हें ड्रॉप किया जाना एक हैरानी भरा फैसला था.
वासन ने India के लिए आखिरी मैच 4 जनवरी 1991 एशिया कप में खेला था. यह एशिया कप फाइनल था. इस मैच में भारतीय टीम विजेता रही थी. इसके बाद वासन को कभी मौका नहीं मिला.
उनके करियर पर गौर करें तो उन्होंने 4 टेस्ट और 9 वनडे खेले. टेस्ट में 1 अर्धशतक की मदद से 94 रन और 10 विकेट उनके नाम दर्ज हैं. वहीं, वनडे में 11 विकेट उन्होंने लिए थे.
वासन का घरेलू करियर लंबा और सफल रहा था. दिल्ली के लिए उन्होंने 80 प्रथम श्रेणी और 53 लिस्ट ए मैच खेले. प्रथम श्रेणी मैचों में 2 शतक और एक अर्धशतक की मदद से 1,310 रन बनाने के साथ ही उन्होंने 290 विकेट लिए थे. एक बार पारी में 5 विकेट लेने की उपलब्धि उन्होंने 17 बार हासिल की थी. वहीं लिस्ट मैचों में भी उनके नाम एक शतक के साथ 65 विकेट है.
वासन ने 1997-98 के घरेलू सीजन के बाद क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. संन्यास के बाद वासन कमेंटेटर और क्रिकेटर विश्लेषक के रूप में सक्रिय रहते हैं.
–
पीएके