ईरान के 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला, इमारत तबाह

तेहरान, 2 अप्रैल . ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने social media पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि राजधानी स्थित 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसे तबाह कर दिया गया है. ये तस्वीरें ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ की बताई गईं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने social media प्लेटफॉर्म एक पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से इस ‘आक्रामकता’ की ओर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया.

उन्होंने लिखा, “वैश्विक स्वास्थ्य का एक सदी पुराना स्तंभ और इंटरनेशनल पाश्चर नेटवर्क के सदस्य ईरानी पाश्चर इंस्टीट्यूट के खिलाफ की गई आक्रामकता, वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला है. यह जिनेवा कन्वेंशन और आईएचएल के सिद्धांतों का उल्लंघन है.”

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (आईएचएल) को टैग करते हुए कहा, “हम डब्ल्यूएचओ, आईसीआरसी और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं से अपील करते हैं कि वे इस हमले की निंदा करें, नुकसान का आकलन करें और पुनर्निर्माण में सहायता करें.”

संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश के मेडिकल रिसर्च और दवा विकास में इसकी अहम भूमिका रही है. तस्वीरों में इमारत के कुछ हिस्से पूरी तरह से तबाह दिखे, जबकि कुछ मलबे में बदले हुए देखे जा सकते हैं.

28 फरवरी को यूएस-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से शुरू हुए संघर्ष में ईरान को काफी नुकसान हुआ है. बड़ी तादाद में लोगों की जान गई है तो सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत कई बड़े नेता और शीर्ष अधिकारी हमले का शिकार हो गए हैं. ईरान भी जवाबी कार्रवाई में गल्फ देशों में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों और सैन्य बेस को निशाना बना रहा है.

संघर्ष के 34वें दिन अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश के नाम संबोधन में दावा किया कि वाशिंगटन ने “ईरानी सेना को तबाह कर दिया है” वह अपने युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है. इसके बाद से ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं. वहीं, ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि उनके देश का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों के प्रति कोई बैर-भाव नहीं है.

केआर/

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