ऊर्जा केंद्रों पर हमला खतरनाक, ये वॉर क्राइम जो इंसानियत के खिलाफ: ईरान

तेहरान, 8 मार्च . इजरायल ने Sunday को दावा किया कि उसने ईरान के तेल ठिकानों को निशाना बनाया है. तेहरान और आसपास के शहरों में स्ट्राइक की वजह से पूरा आसमान काले धुएं में समा गया और दूर-दूर तक लपटें दिखीं. इसके बाद जहरीली बारिश की चेतावनी लगातार जारी की जा रही है. इन सब परिस्थितियों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने जबरदस्त निंदा करते हुए कहा है कि ये हमले इंसानियत के खिलाफ हैं.

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स पर यूएस-इजरायल की हवाई बमबारी लड़ाई के एक “खतरनाक नए दौर” की निशानी है और यह एक वॉर क्राइम है.

उन्होंने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईंधन डिपो को निशाने पर ले, हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे हैं, आम लोगों को जहर दे रहे हैं, पर्यावरण को बर्बाद कर रहे हैं, और बड़े पैमाने पर इंसानों को खतरे में डाल रहे हैं.”

बघाई ने आगे कहा: पर्यावरण और इंसानी तबाही के नतीजे ईरान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे. ये हमले वॉर, इंसानियत के खिलाफ अपराध और नरसंहार हैं.

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने इस हमले को सही करार दिया और पत्रकारों को बताया कि डिपो का इस्तेमाल ईरान की जंग की कोशिशों में फ्यूल भरने के लिए किया जाता था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए प्रोपेलेंट बनाना या स्टोर करना शामिल है. उन्होंने कहा, “वे एक लीगल मिलिट्री टारगेट हैं.”

बता दें कि तेहरान की आबादी लगभग 10 मिलियन है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, ऐसा शायद पहली बार है जब युद्ध में किसी सिविल इंडस्ट्रियल जगह को निशाना बनाया गया है. हालांकि, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, यूएस और इजरायली हमलों से देश भर में लगभग 10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर्स को नुकसान हुआ है.

उन्होंने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है. ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.

टेलीग्राम पोस्ट में कुछ दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. social media पर एक पोस्ट में, ग्रुप ने लोगों को तेल की जगहों पर लगी आग से होने वाले खतरों के बारे में चेतावनी दी और लोगों से कहा कि वे जहरीले प्रदूषित पदार्थों से बचने के लिए जहां तक ​​हो सके घर के अंदर रहें.

इसमें कहा गया कि जहरीली एसिड रेन की चिंता के कारण स्थानीय लोगों को बारिश के बाद बाहर नहीं जाना चाहिए, और सलाह दी कि अगर किसी ने काले धुएं से निकलने वाले कणों को सांस के जरिए अंदर ले लिया हो, तो उन्हें नमकीन पानी से गरारे करने चाहिए.

केआर/

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