
गांधीनगर, 24 जून . साइबर क्राइम, यानी एक ऐसा अपराध जिसमें अपराधी डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनकी गाढ़ी कमाई हड़प लेते हैं. हालांकि, Gujarat में अब इस तरह की घटनाओं में काफी कमी आई है. Chief Minister भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और उपChief Minister हर्ष संघवी के नेतृत्व में Gujarat Police और साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ अभियान की वजह से यह संभव हुआ.
पीड़ितों के मुताबिक, साइबर ठगी के खिलाफ शिकायत करने पर राज्य Police अब न केवल त्वरित कार्रवाई करती है, बल्कि ठगी गई रकम भी वापस दिलाती है. ऑनलाइन साइबर क्राइम की जड़ पर वार करने और साइबर क्रिमिनल्स पर शिकंजा कसने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के तहत Gujarat Police ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, समन्वय पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से मिले आंकड़ों की सघन निगरानी की. इस डेटा इंटेलिजेंस के आधार पर सभी जिलों में साइबर अपराधियों और म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई.
इस अभियान के अंतर्गत राज्य में कुल 565 First Information Report दर्ज की गईं और कुल 638 साइबर अपराधियों को अरेस्ट किया गया. इसके अलावा, 913 म्यूल अकाउंट पर कार्रवाई के साथ ही कुल 4,052 अपराधों की पहचान की गई, जिनमें 491 अपराध Gujarat के थे. इस सफल ऑपरेशन के दौरान 2,289 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया गया. Gujarat Police आरबीआई और इंडियन डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के उपयोग से रिस्क स्कोरिंग प्रणाली की भी मदद ले रही है, ताकि म्यूल अकाउंट्स की सटीक पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके.
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी कोई फोन कॉल आए या मैसेज आए तो काफी सजगता के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए और शक होने पर तुरंत इसकी शिकायत करनी चाहिए. ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ की वजह से राज्य में एटीएम और चेक द्वारा विड्रॉल में काफी कमी आई है. सीएम भूपेंद्र पटेल की Government राज्य में साइबर क्राइम को जड़ से उखाड़ने में जुटी है. साइबर ठगों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए 2 जून 2026 से Gujarat में ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ शुरू कर दिया गया है.
साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गांधीनगर के एसपी राजदीप सिंह झाला ने बताया कि समग्र Gujarat Police की तमाम यूनिट्स द्वारा एक साथ म्यूल अकाउंट हैंडल करने वालों और उसकी आगे की लाइन समेत तमाम लोगों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें इतनी रकम के साइबर क्राइम अपराध के डिटेक्ट हुए. डेटाबेस पर काम करने के बाद उसमें से ऐसे टारगेट चिह्नित किए गए थे, जो म्यूल अकाउंट्स से सीधे साइबर क्राइम के पैसे प्राप्त करते हैं और उसे चेक अथवा एटीएम से निकाल लेते हैं और यह अकाउंट Gujarat में सक्रिय हैं. इस प्रकार के डेटाबेस तैयार करके Gujarat Police ने उसमें कार्रवाई की थी.
साइबर एक्सपर्ट छात्रपाल सिंह ने कहा, “कोई संदिग्ध कॉल आए तो ध्यान रखें और ऐसे कॉल्स को ब्लॉक करके उस नंबर को तत्काल 1930 पर रिपोर्ट करें. डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं है.”
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ओपी/पीएम