
Lucknow, 16 अगस्त . पूर्व Prime Minister एवं India रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Sunday को राजधानी स्थित लोकभवन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
इस अवसर पर Chief Minister ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे अजातशत्रु व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने छह दशक के सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और राजनीति में शुचिता, लोकतांत्रिक मर्यादा तथा राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की मिसाल कायम की. Chief Minister ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा. उनका जीवन केवल सत्ता या राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना उनके प्रत्येक निर्णय और भूमिका में दिखाई देती थी.
योगी ने कहा कि अटल जी ने दल से ऊपर देश को महत्व दिया और सांसद, विदेश मंत्री, भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष तथा Prime Minister के रूप में अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन करते हुए राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाए रखा. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के विरोध में चलाए गए सत्याग्रह से की थी. इसके बाद उन्होंने देश की राजनीति में एक ऐसे राष्ट्रवादी नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिसके लिए विचारधारा के साथ राष्ट्रहित सर्वोपरि था.
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए अटल जी ने सक्रिय भूमिका निभाई. वहीं 1962, 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान भी उन्होंने एक जिम्मेदार सांसद के रूप में Government के साथ खड़े होकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर देश की एकजुटता को मजबूत करने का काम किया. उन्होंने Political मतभेदों को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं आने दिया.
Chief Minister ने कहा कि अटल जी की राजनीति में विरोध था, लेकिन विद्वेष नहीं था. उनके भाषणों में ओज था, लेकिन भाषा में मर्यादा थी. यही कारण है कि उन्हें भारतीय राजनीति का ‘अजातशत्रु’ कहा गया. उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ Political असहमति को सम्मान देने की परंपरा को भी आगे बढ़ाया.
योगी ने कहा कि Prime Minister के रूप में अटल जी ने देश की सामरिक और आर्थिक शक्ति को नई दिशा दी. पोखरण परमाणु परीक्षण से India की सामरिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ, वहीं स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी परियोजनाओं ने देश के बुनियादी ढांचे को नई गति प्रदान की. उनकी दूरदृष्टि ने India के विकास की मजबूत नींव तैयार की. Chief Minister ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनका जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति का अंतिम उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण होना चाहिए. उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
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विकेटी/एएस