असम सीएम सरमा ने परिसीमन पर कांग्रेस को घेरा, कहा- राष्ट्र को कर रही गुमराह

गुवाहाटी, 19 अप्रैल . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Sunday को राज्य में हाल ही में हुए परिसीमन को लेकर कांग्रेस की आलोचना का जवाब दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने और लंबे समय से लंबित चुनावी सुधार को अमान्य ठहराने के लिए जैरीमेंडरिंग शब्द का गलत इस्तेमाल कर रही है.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम सरमा ने कहा कि 2023 में किया गया परिसीमन कोई साजिश नहीं, बल्कि एक जरूरी और लंबे समय से लंबित प्रक्रिया थी, जिसका मकसद दशकों से चले आ रहे Political असंतुलन को ठीक करना था.

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली Governmentों ने चुनावी फायदे के लिए कई क्षेत्रों में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय बदलावों की अनदेखी की.

Chief Minister ने कहा कि प्रतिनिधित्व में असली विकृति तो अतीत में तब पैदा हुई थी, जब वोट-बैंक की राजनीति के चलते आबादी के बदलते स्वरूपों को नजरअंदाज कर दिया गया था. उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा कवायद का उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों को जमीनी हकीकतों के अनुरूप बनाना है.

असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन India के चुनाव आयोग द्वारा परिसीमन अधिनियम के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना को आधार बनाकर किया गया.

अगस्त 2023 में पूरी हुई इस प्रक्रिया के तहत 126 विधानसभा और 14 Lok Sabha निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित किया गया. इसमें जनसंख्या वितरण को तर्कसंगत बनाने, भौगोलिक निरंतरता और प्रशासनिक सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया.

इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों का पुनर्गठन भी हुआ, जो उनकी जनसंख्या के अनुपात को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है. अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों के कई निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव किए गए, जिससे विभिन्न Political दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं.

Chief Minister सरमा ने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य संतुलन बहाल करना और मूल निवासियों को उचित Political प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था. उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को अवैध प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलावों से उत्पन्न चिंताओं को दूर करने के लिए एक अस्थायी उपाय बताया.

कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की लगातार आलोचना की है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि इससे कुछ खास समुदायों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है और सत्ताधारी पार्टी को फायदा होता है. उन्होंने इसे गैरीमैंडरिंग का एक उदाहरण बताया है. इस आरोप को भाजपा ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

Chief Minister ने कहा कि जो लोग इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वे असहज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि इसने उस व्यवस्था को बाधित कर दिया है जो ऐतिहासिक रूप से उनके पक्ष में काम करती रही थी. उन्होंने इस बात को दोहराया कि यह कदम असम की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता है.

पीएसके

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