
गुवाहाटी, 6 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Thursday को कहा कि छात्रों को अब सिर्फ पारंपरिक डिग्री पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाले जॉब मार्केट में टिके रहने के लिए स्किल-आधारित और विशेषज्ञता वाली शिक्षा अपनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मेरिट और विशेषज्ञता ही अवसर तय करेगी.
श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में Chief Minister नीजुत मोइना योजना और Chief Minister नीजुत बाबू योजना के आवेदन फॉर्म वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सरमा ने छात्रों से कहा कि पढ़ाई, अनुशासन और नियमित कोर्स के साथ-साथ किसी एक अतिरिक्त क्षेत्र में विशेष स्किल भी हासिल करें. उन्होंने कहा, “आज की दुनिया विशेषज्ञों को महत्व देती है. सिर्फ ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री अब पर्याप्त नहीं है. रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए छात्रों को किसी एक क्षेत्र में अतिरिक्त दक्षता विकसित करनी होगी.”
रोजगार के अवसरों का जिक्र करते हुए Chief Minister ने कहा कि राज्य Government अगले पांच साल में करीब दो लाख लोगों की भर्ती करने जा रही है. इसमें लगभग 22 हजार लैब टेक्नीशियन, जीएनएम नर्स और एएनएम शामिल हैं. उन्होंने असम में विज्ञान की पढ़ाई में छात्रों की कम रुचि पर चिंता जताई और कहा कि राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए विज्ञान में रुचि बढ़ाना आवश्यक है.
सरमा ने दोहराया कि उनकी Government पारदर्शी भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है. वर्तमान Government के कार्यकाल में अब तक 1.60 लाख Governmentी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी जा चुकी हैं और आगे भी भर्तियां बिना भ्रष्टाचार के होंगी.
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन का अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है. आंदोलन से नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण से ही सफलता मिलती है. छात्रों को पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए, ज्ञान के साधक बनना चाहिए और शिक्षा के जरिए समाज को बदलने में योगदान देना चाहिए.
Chief Minister ने नीजुत मोइना और नीजुत बाबू योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू की. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य गंभीरता से पढ़ाई को बढ़ावा देना और छात्रों की शैक्षणिक प्रतिबद्धता बेहतर करना है. बाल विवाह रोकने के लिए शुरू की गई नीजुत मोइना योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में पांच लाख बालिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. वहीं नीजुत बाबू योजना के विस्तार के बाद इससे 1.20 लाख छात्र लाभान्वित होंगे.
इस दौरान सरमा ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों की बाढ़ प्रभावित 793 स्कूलों के लिए डीबीटी के माध्यम से 15.86 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी दी. साथ ही Chief Minister राहत कोष से शिवसागर और चराईदेव के 21,025 छात्रों को बाढ़ में खराब हुए अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए 4.26 करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी गई.
उन्होंने कहा कि विस्तृत आकलन के बाद जिन स्कूलों को स्थायी नुकसान हुआ है, उन्हें Government अतिरिक्त सहायता देगी. Government छात्रों की पढ़ाई बाधित किए बिना शैक्षणिक ढांचे को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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डीएससी