अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने महिला आरक्षण बिल को ‘बदलाव लाने वाला’ बताया

ईटानगर, 15 अप्रैल . अरुणाचल प्रदेश के Chief Minister पेमा खांडू ने Wednesday को इस बात पर जोर दिया कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी विकास का एक अहम संकेत है. उन्होंने बताया कि विकसित देशों में अक्सर शासन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40-50 प्रतिशत होता है.

‘शक्ति, समानता और नेतृत्व का उत्सव’ थीम पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने बताया कि India में वर्तमान में Lok Sabha में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 13.6 प्रतिशत है और राज्य विधानसभाओं में लगभग 9 प्रतिशत है.

उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में, 60-सदस्यीय विधानसभा में केवल चार महिला विधायक हैं, जो राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता को उजागर करता है. महिला नेताओं, सफल हस्तियों, छात्रों और गणमान्य व्यक्तियों से भरे दर्शकों के सामने बोलते हुए खांडू ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जो India के Political और शासन परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है.

उन्होंने बताया कि 2023 में Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में पास हुए इस कानून में संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है. Chief Minister ने याद दिलाया कि महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग 1996 से चली आ रही है; पिछले कई सालों में इसके लिए कई कोशिशें की गईं, और आखिरकार 2023 में व्यापक Political सहमति के साथ यह बिल पास हो गया.

खांडू ने बताया कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक विशेष सत्र होगा, जिसमें नियमों को अंतिम रूप देने और इसे लागू करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी, ताकि 2029 के चुनावों तक इस आरक्षण को लागू किया जा सके. उन्होंने महिलाओं से 33 प्रतिशत के कोटे से भी आगे सोचने का आग्रह करते हुए, नेतृत्व की भूमिकाओं और फैसले लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आह्वान किया.

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने ‘दुलारी कन्या योजना’ जैसी योजनाओं का जिक्र किया. इस योजना के तहत छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे अब तक 13,800 से अधिक लोगों को लाभ मिल चुका है. उन्होंने ‘एचपीवी टीकाकरण अभियान’ का भी उल्लेख किया, जिसके तहत 14 वर्ष की आयु वाली लड़कियों को मुफ्त टीके लगाए जाते हैं; इस अभियान के पहले चरण में 19,000 लाभार्थियों की पहचान की गई है.

एमएस/

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