
इस्लामाबाद, 12 जून . Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद हमलावरों की गोलीबारी में दो Policeकर्मियों की मौत हो गई. अधिकारियों ने Friday को यह जानकारी दी.
Pakistan के अखबार द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, Friday को एक Police constable किसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था. तभी बन्नू-मीरानशाह रोड पर अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोली चला दी. वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
एक दूसरी घटना में, एक और Police constable को उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी. उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
Police ने दोनों मामलों में हमलावरों को पकड़ने के लिए संबंधित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
इससे पहले इसी हफ्ते, Pakistan के बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी जिलों में Police ठिकानों पर हुए हमलों में एक Policeकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हो गए थे. स्थानीय मीडिया ने Thursday को अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी.
अधिकारियों के अनुसार, मोटरसाइकिलों पर सवार हथियारबंद लोगों के एक समूह ने भारी हथियारों से गिलो Police चेकपोस्ट पर हमला किया और बाद में उसमें आग लगा दी. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, किला अब्दुल्ला के Police अधीक्षक अथर रशीद ने बताया कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई.
उन्होंने कहा कि हमलावर दो एके-47 राइफलें, चेकपोस्ट पर खड़ी एक निजी कार और एक मोटरसाइकिल अपने साथ ले गए. आग लगने से चेकपोस्ट को काफी नुकसान पहुंचा और वहां मौजूद रिकॉर्ड तथा फर्नीचर पूरी तरह जल गए.
एक अन्य हमले में पिशिन के सरानान इलाके में सुल्तान Police स्टेशन को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने Policeकर्मियों से हथियार छीन लिए और विस्फोटकों का इस्तेमाल कर इमारत को नुकसान पहुंचाया.
अधिकारियों ने बताया कि Tuesday रात डुकी इलाके के एक Police स्टेशन पर भी हमला किया गया. इस दौरान Police और हमलावरों के बीच जमकर गोलीबारी हुई, जिसमें एक Police अधिकारी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए.
पिछले हफ्ते Pakistan इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में बताया गया था कि मई महीने में Pakistan की सुरक्षा स्थिति और खराब हुई है. खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई.
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समय की कमी के बाद मई में उग्रवादी हमले फिर बढ़ गए. हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी यह दिखाती है कि सुरक्षा चुनौतियां अभी भी गंभीर बनी हुई हैं.
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एवाई/एएस