
रांची, 17 मई . Jharkhand के पूर्व Chief Minister अर्जुन मुंडा ने चाईबासा जिला प्रशासन पर शिष्टाचार और आवश्यक औपचारिकताओं का निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस घटना पर जिला प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक शिष्टाचार और अनुभव की कमी को दर्शाती है. अर्जुन मुंडा के आरोपों के बाद Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के Chief Minister हेमंत सोरेन पर हमला बोला है.
अर्जुन मुंडा ने Saturday देर रात फेसबुक पर एक तीखी पोस्ट लिखी. उन्होंने कहा, “वर्तमान में मैं न तो विधायक हूं, न सांसद और न ही मंत्री, लेकिन मैं Jharkhand राज्य के Chief Minister और India Government में मंत्री के संवैधानिक पद पर रहा हूं. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत मेरा चाईबासा परिसदन में रात्रि विश्राम हुआ. यह अत्यंत खेद और चिंता का विषय है कि चाईबासा जिला प्रशासन की ओर से सामान्य शिष्टाचार और आवश्यक औपचारिकताओं का भी निर्वहन नहीं किया गया.”
उन्होंने पोस्ट में कहा, “यह स्थिति या तो प्रशासनिक शिष्टाचार एवं अनुभव की कमी को दर्शाती है, अथवा प्रशासनिक अकड़ को, या फिर राज्य Government के लोकतांत्रिक मूल्यों व सामान्य सामाजिक मर्यादाओं के प्रति उदासीनता को प्रकट करती है.”
पूर्व Chief Minister ने कहा कि पहले भी प्रशासनिक व्यवस्था की एक स्वस्थ व सुदृढ़ परंपरा रही है कि जिले में आगमन करने वाले सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के साथ जिले की सामान्य परिस्थितियों, विकास कार्यों व जनसरोकारों से संबंधित विषयों पर संवाद स्थापित किया जाता था. यह केवल औपचारिकता भर नहीं होती थी, बल्कि इससे प्रशासन की सकारात्मक कार्यसंस्कृति, संवादशीलता और जिले की गरिमा भी परिलक्षित होती थी.
उन्होंने कहा, “ज्ञातव्य है कि पश्चिम सिंहभूम एक ऐतिहासिक और जनजातीय बहुल जिला है, जिसकी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक, सामाजिक व ऐतिहासिक पहचान रही है. ऐसे महत्वपूर्ण जिले में प्रशासन का इस प्रकार का व्यवहार और कार्यशैली निश्चित रूप से गंभीर चिंतन का विषय है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन से यह अपेक्षा की जाती है कि वह Political भिन्नताओं से ऊपर उठकर संवैधानिक मर्यादाओं, प्रशासनिक शिष्टाचार और सामाजिक सौजन्यता का समुचित पालन सुनिश्चित करे.”
अर्जुन मुंडा के इन आरोपों के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनका समर्थन किया और राज्य Government पर हमला बोला. उन्होंने Sunday सुबह ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हेमंत सोरेन जी, सत्ता का समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता. आज आप Chief Minister हैं, कल आप भी भूतपूर्व हो सकते हैं, इसलिए लोकतंत्र की मर्यादा, परंपराओं और सामाजिक सम्मान को कभी कमजोर मत होने दीजिए.”
उन्होंने लिखा, “Jharkhand की पहचान सिर्फ Governmentों से नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवहार से बनती है. यदि प्रशासन जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ सार्वजनिक व्यक्तित्वों और समाज की भावनाओं के प्रति संवेदनहीन हो जाए, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे लोकतांत्रिक संस्कार का अपमान बन जाता है.”
उन्होंने हेमंत सोरेन से मांग करते हुए कहा, “अधिकारियों को यह नसीहत दीजिए कि कुर्सी का अहंकार क्षणिक होता है, लेकिन व्यवहार और सम्मान की छाप वर्षों तक लोगों के दिलों में रहती है. सत्ता बदलती रहती है, मगर जनता सब देखती है और समय हर बात का हिसाब भी रखता है.”
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डीसीएच/