
वॉशिंगटन, 30 मार्च . अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि वह ईरान के खिलाफ अपने सैन्य लक्ष्यों को महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लेगा.
उन्होंने कहा कि तेहरान की वायु सेना, नौसेना और मिसाइल क्षमताओं सहित प्रमुख लक्ष्यों को पहले ही नष्ट किया जा चुका है. फिर भी वाशिंगटन समानांतर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.
एक टीवी इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से ईरान की सैन्य क्षमता को कम करने और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर केंद्रित है. अमेरिका का लक्ष्य ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को पूरी तरह खत्म करना है, ताकि भविष्य में मिसाइलों और ड्रोन का उत्पादन रोका जा सके.
रूबियो ने दोहराया कि लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट रहे हैं. पहला उनकी वायु सेना को नष्ट करना. दूसरा उनकी नौसेना को नष्ट करना. तीसरा उनकी मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता में भारी कमी लाना. चौथा उनकी फैक्ट्रियों को नष्ट करना.
रूबियो ने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि वे कभी भी पीछे छिपकर परमाणु हथियार हासिल न कर सकें.
रूबियो की ओर से ये टिप्पणियां President डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों के बाद आई हैं, जिनमें उन्होंने संकेत दिया था कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने के लिए अपने हमलों को और तेज कर सकता है.
रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि कूटनीति ही उनका पसंदीदा रास्ता है. President कूटनीति को ही प्राथमिकता देते हैं. संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है. कुछ बातचीत भी जारी है, जिसमें मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत भी शामिल है. ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद उभर सकते हैं.
उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी कूटनीतिक सफलता निश्चित नहीं है. हम उस संभावना को बहुत मजबूती से परखने जा रहे हैं, लेकिन हमें इस तथ्य के लिए भी तैयार रहना होगा कि यह प्रयास असफल भी हो सकता है.
समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर रूबियो ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने की ईरान की धमकियों को सिरे से खारिज किया.
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एवाई/एबीएम