
New Delhi, 19 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Wednesday को social media एक्स पर सुभाषित शेयर किया. जिसमें उन्होंने संदेश दिया कि सदैव परोपकार एवं कल्याणकारी कर्म ही करें.
Prime Minister ने एक्स पर पोस्ट किया, “एतावज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु. प्राणैरर्थैर्धिया वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥” इस संस्कृत श्लोक का अर्थ है, “इस संसार में मनुष्यों के जन्म की पूर्ण सार्थकता इसी में निहित है कि वे अन्य प्राणियों के प्रति अपने शारीरिक सामर्थ्य, धन-संपत्ति, बुद्धि तथा वाणी के माध्यम से सदैव परोपकार एवं कल्याणकारी कर्मों का ही सम्पादन करें.”
Prime Minister ने Tuesday को एक्स पर “उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्. अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” श्लोक साझा किया था. इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए. सच्चा पुरुषार्थ और पराक्रम इसी में है कि व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करे, बल्कि सत्य, धैर्य और आत्मगौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहे.
Monday को Prime Minister की ओर से सुभाषित शेयर करते हुए लिखा गया था, “सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है. यही भावना India की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है.” उन्होंने एक श्लोक, “समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः. समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥” भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि हम सबके संकल्प एक समान होने चाहिए, हमारे मन एकता के भाव से जुड़े होने चाहिए, जिससे हम सभी परस्पर सहयोग तथा समान व्यवहार के साथ समाज की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें.
इससे पहले Prime Minister की ओर से social media पर 14 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था. तब उन्होंने लिखा था, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया. उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है. आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें.”
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ओपी/एएस