राम मंदिर चढ़ावा विवाद की सच्चाई सामने लाने के लिए ट्रस्ट प्रतिबद्ध : आलोक कुमार

अयोध्या, 29 जून . अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर Political आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. इस बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने Monday को कहा कि ट्रस्ट मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच पूरी कराने के लिए लगातार कदम उठा रहा है. ट्रस्ट की प्राथमिकता सच्चाई सामने लाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

आलोक कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर कहा, “राम जन्मभूमि के सभी ट्रस्टी इस घटना की पूरी जांच को लेकर गंभीर हैं और इसके लिए सक्रिय रूप से व्यवस्था कर रहे हैं. घटना सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से प्रारंभिक जांच की गई थी, जिसमें कुछ लोगों की संलिप्तता सामने आई और करीब 80 लाख रुपए की रिकवरी की गई. प्राथमिक जांच के बाद ही ट्रस्ट ने Chief Minister से मामले की एसआईटी जांच का अनुरोध किया था. जब एसआईटी अयोध्या पहुंची तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने स्वयं जांच में सहयोग की पेशकश की और कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने जांच अधिकारियों से पहले उनसे पूछताछ करने की बात भी कही थी.”

आलोक कुमार ने बताया, “एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट की ओर से First Information Report दर्ज कराई गई. First Information Report में एसआईटी द्वारा चिन्हित आठ लोगों के नाम शामिल हैं, जबकि अन्य संभावित लोगों की जांच के लिए भी प्रावधान रखा गया है. ट्रस्ट ने First Information Report में पूरे मामले और सभी आरोपों की विस्तृत जांच की मांग की है. जब कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि चंपत राय जैसे पदाधिकारी पद पर रहते हुए जांच को प्रभावित कर सकते हैं, तो चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा ने अपने पदों से त्यागपत्र देकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया. इन कदमों से स्पष्ट है कि ट्रस्ट भी चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले.”

विपक्ष की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए आलोक कुमार ने नेताओं के पुराने मामलों का उल्लेख किया. उन्होंने दिल्ली के पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर आरोप लगने और गिरफ्तारी के बाद भी उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया था. उन्होंने पूर्व Prime Minister पीवी. नरसिम्हा राव और बोफोर्स मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि अतीत में कई बड़े राजनेताओं पर आरोप लगे, लेकिन उन्होंने अपने पद नहीं छोड़े. उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की और कहा कि पद छोड़ने की मांग करने वालों को अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उठाए गए कदम यह दर्शाते हैं कि संस्था मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

एससीएच/एबीएम

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