जिन लोगों ने भी आजादी में योगदान दिया, उन्होंने वंदे मातरम का नारा जरूर लगाया : रविशंकर प्रसाद

New Delhi, 8 दिसंबर . BJP MP रविशंकर प्रसाद ने Monday को वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया.

उन्होंने से बातचीत में कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में जितने भी क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उन सभी लोगों ने वंदे मातरम का नारा जरूर लगाया.

उन्होंने कहा कि यह नारा इन क्रांतिकारियों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करता था. यह सभी लोग वंदे मातरम का नारा लगाते हुए फांसी के फंदे को अपने गले में लगा लेते थे. दक्षिण में सुब्रमण्यम भारती ने इसका उद्घोष किया था और इसके बाद रविंद्रनाथ टैगोर ने इसे विस्तार दिया. Prime Minister ने अपने भाषण में बताया कि आखिर इस गीत को क्यों तोड़ा गया, क्योंकि जिन्ना को इससे नफरत थी. इसी वजह से पंडित नेहरू पीछे हट गए थे. इन सब बातों के बारे में देश को पता होना चाहिए. लोगों को पता होना चाहिए कि कैसे कांग्रेस ने वंदे मातरम पर कुठाराघात किया और आज तक कांग्रेस का यही रूख है. अब इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

BJP MP ने कहा कि इन लोगों ने सिर्फ Political लाभ अर्जित करने के मकसद से देश का बंटवारा किया और वंदे मातरम के भाव को भी कमजोर करने का प्रयास किया. लेकिन, आज Prime Minister मोदी ने अपने भाषण में वंदे मातरम की ऐतिहासिकता को रेखांकित किया. जिसने सभी लोगों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया.

उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने अपने भाषण में वंदे मातरम में निहित राष्ट्रभक्ति की भावना को विस्तार से देशवासियों को बताने की कोशिश की. हम सभी लोगों को इस बारे में सीखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ. Prime Minister ने बताया कि वंदे मातरम के रचयिता सिर्फ बंकिम बाबू ही नहीं, बल्कि बाद में लोकमान्य तिलक, अरविंदो घोष, बिपिन चंद्र पाल सहित जितने भी आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले लोग थे, उन सभी ने वंदे मातरम के भाव को आत्मसात किया था.

एसएचके/एबीएम

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