
New Delhi, 3 जून . पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सुरेंद्रनाथ कॉलेज परिसर में सफाई अभियान के दौरान दो पुराने सूटकेस में भारी मात्रा में क्षतिग्रस्त नोटों के बंडल और एक हथियार बरामद मिलने पर सियासत तेज हो गई है. भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में काफी कुछ सामने आने वाला है.
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जब से भाजपा Government बनी है, तब से बहुत कुछ सामने आ रहे हैं. ममता Government ने जितने भी घोटाले और गलत कार्य किए थे, एक-एक करके सभी जनता के सामने आ रहे हैं. जनता को भी पता चल रहा है कि टीएमसी ने राज्य को कितना नुकसान किया है.
उन्होंने कहा कि जनता ने परेशान होकर टीएमसी को सत्ता से हटाया था. भाजपा ने जितने भी वादे किए थे, वे अब एक-एक करके पूरे हो रहे हैं. भाजपा के राज्य में लगातार विकास हो रहा है. यह बात जनता को काफी अच्छे से पता है. जब से भाजपा की Government पश्चिम बंगाल में बनी है, तब से ममता Government के गलत काम जनता के सामने लाए जा रहे हैं.
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने आगे कहा कि अब वहीं लोग परेशान होकर भाग रहे हैं, तो ममता बनर्जी भाजपा पर आरोप लगा रही हैं कि ये लोग इनके पार्टी को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इनको यह नहीं पता है कि ये लोग खुद बचकर भाग रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के लोग अपने ही नेता की वजह से पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. आने वाले दिनों में और लोग जाएंगे. अगर ममता बनर्जी इसी तरह अपने ही नेताओं की बात नहीं सुनीं तो टीएमसी में कोई नहीं बचेगा.
कर्नाटक की राजनीति पर रोहन गुप्ता ने कहा कि क्या हो रहा है? ये बात जनता को भी नहीं समझ आ रही है. Chief Minister पद छोड़ने के बाद भी लोग Governmentी आवास में रहते हैं, यह गलत है. फिर भी पार्टी के नेताओं की तरफ से कोई बयान नहीं आता है.
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगभग टूट चुकी है. वह बिखर गई है. आज विधानसभा में उनकी पार्टी के लगभग 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को एक हस्ताक्षरित अनुरोध सौंपा है कि वे एक अलग पार्टी बनाना चाहते हैं और अपनी तरफ से अपना खुद का नेता प्रतिपक्ष चुनना चाहते हैं, और साथ ही उसका नाम भी सुझाना चाहते हैं. इसका मतलब है कि ममता बनर्जी की Government भी चली गई, और अब तो पार्टी भी उनके हाथों से निकल गई.”
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एसएके/डीकेपी