जो काम कभी ममता बनर्जी ने किया था, वही आज उनके साथ हो रहा है: अधीर रंजन चौधरी

मुर्शिदाबाद, 3 जून . पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता ऋतब्रत बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति में लगातार अवसरवाद बढ़ रहा है और कई नेता केवल Political लाभ के लिए पाला बदलने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि एक समय में जो काम ममता बनर्जी ने किया था, वही आज उनके साथ हो रहा है.

अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वहां से उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. उनके अनुसार, भाजपा ऐसे नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने से बचती है, क्योंकि इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार या अन्य गंभीर आरोप होते हैं, उन्हें कोई भी पार्टी आसानी से स्वीकार नहीं करना चाहती.

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में ऐसे लोगों के लिए कोई स्थायी जगह नहीं होती जो केवल अपने फायदे के लिए दल बदलते रहते हैं. उनके अनुसार, यही कारण है कि कई नेता कभी एक पार्टी में जाते हैं और फिर वहां से निकलकर दूसरी पार्टी में पहुंच जाते हैं, लेकिन अंत में उन्हें कहीं स्थायी समर्थन नहीं मिलता.

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से ऐसी स्थिति देखी जा रही है, जहां दल-बदल और Political समीकरण तेजी से बदलते रहते हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं है, क्योंकि इससे जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और केवल सत्ता की राजनीति हावी हो जाती है.

अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पहले भी कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने कांग्रेस को कमजोर किया और अब वही Political खेल दोबारा अलग तरीके से देखने को मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि राजनीति में यह एक तरह का चक्र बन गया है, जहां कभी एक पार्टी दूसरी को कमजोर करती है और फिर वही नेता दूसरी पार्टियों में जाकर नए समीकरण बनाते हैं. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बताया.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जो नेता लगातार पार्टी बदलते हैं, उनकी Political विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेताओं को किसी भी बड़ी पार्टी में शामिल करने से पहले उनके पिछले रिकॉर्ड और आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए.

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि आज की राजनीति में कई नेता ऐसे हैं जो केवल सत्ता के करीब रहने के लिए अपना रुख बदलते रहते हैं. उन्होंने इसे Political अवसरवाद बताते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है.

पीआईएम/डीकेपी

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