
New Delhi, 11 जून . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तृणमूल कांग्रेस में पड़ी फूट को लेकर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि जब से भतीजे (अभिषेक बनर्जी) को टीएमसी में जिम्मेदारी मिली है, पार्टी में टकराव और कंफ्यूजन दिखाई पड़ी है. इसके साथ ही, नकवी ने राज कपूर की फिल्म के गीत की पंक्तियां सुनाते हुए कहा कि ‘सारे भेद खुल गए, राजदार न रहा’.
समाचार एजेंसी से बात करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “‘दोस्त-दोस्त न रहा, प्यार-प्यार न रहा, सारे भेद खुल गए, राजदार न रहा.’ जो दीदी का घर था, वो जब से भतीजे का घरौंदा बना, तब से उसमें टकराव दिखाई पड़ता है और कन्फ्यूजन भी दिखाई पड़ता है. मेरा यही कहना है कि टीएमसी को आत्मचिंतन करना होगा कि किस तरह अंहकार, अराजकता और अति-आत्मविश्वास उन्हें समाप्त कर रहा है.”
टीएमसी के कांग्रेस में विलय की चर्चाओं पर भाजपा नेता ने कहा, “झटके पर झटका खाने के बाद अगर कोई डूबते हुए जहाज पर बैठने की कोशिश करेगा तो यह उसकी अपनी इच्छा है. कांग्रेस की स्थिति यह है कि ‘हम तो डूबे हैं साथी तुम्हें भी ले डूबेंगे.’ अब इनका (ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) का बसेरा डूबता हुआ जहाज है तो मेरा यही कहना है कि ‘जल्द ठीक हो जाएं.’”
दिल्ली में कांग्रेस की बैठक पर नकवी ने कहा, “कांग्रेस अच्छी तरह समझ चुकी है कि सत्ता पर जन्म सिद्ध अधिकार वाला गुरूर चकनाचूर हो चुका है. Prime Minister मोदी के 12 साल के सफल कार्यकाल से कांग्रेस को और बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस को यह भी समझ में आ चुका है कि अगले 20-25 सालों तक केंद्र में कोई जगह खाली नहीं है. फिर भी कांग्रेस को प्रयास करने देते हैं.”
वहीं, मुख्तार अब्बास नकवी ने Prime Minister मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की होने वाली बैठक को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “Prime Minister मोदी जी लगातार बिना रुके और थके सभी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. वे कार्यों की समीक्षा भी करते हैं.”
‘धर्मांतरण रोकथाम सेल’ के मुद्दे पर भाजपा नेता ने कहा कि डराकर, फंडिंग या दबाव वाला ‘धर्मांतरण का धंधा’ रोका जाना बहुत जरूरी है. आज के समय में ‘अवैध धर्मांतरण’ के खिलाफ सारे उपाय किए जाने की जरूरत है.
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डीसीएच/