महंगाई से जनजीवन पर पड़ेगा असर तो आवाज उठाएंगे : अखिलेश यादव

Lucknow, 14 अप्रैल . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि अगर महंगाई से जनजीवन प्रभावित होगा तो आवाज तो उठाई जाएगी.

सपा प्रमुख Tuesday को बैसाखी पर्व के अवसर पर Lucknow स्थित गुरुद्वारे पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि बैसाखी के त्योहार पर पूरे देशवासियों और प्रदेशवासियों को बधाई देना चाहता हूं. हमारे देश की यही खूबसूरती है कि हम एक दूसरे के त्योहार मिलकर मनाते हैं.

अखिलेश यादव ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन पर कहा कि Chief Minister को तो नियम-कानून पता ही नहीं है. अगर नियम कानून पता होते, कोर्ट ने क्या बताया, लेबर लॉ क्या कह रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेबर को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं, अगर उनका पालन किया होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती. महंगाई अगर बढ़ेगी, जनजीवन प्रभावित होगा, तो आवाज तो उठेगी. आवाज के लिए बातचीत का रास्ता है, संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए. इसलिए मैंने कहा, यह कोई Naxalite या इस तरह की कोई साजिश, षड्यंत्र नहीं है, यह Government का फेलियर है. Government का जो फेलियर है, उसे दूसरों पर थोपना चाहते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि उनकी इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल थी.

नोएडा में हुई घटना पर Police डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर द्वारा हेडक्वार्टर से निगरानी करने पर अखिलेश यादव ने कहा कि ये अधिकारी डराते भी हैं. Chief Minister डराना इसलिए चाहते हैं, जिससे अन्याय कर सकें. Chief Minister या Government इसलिए लोगों को डरा रहे हैं, जिससे अन्याय करने का मौका मिले. हेडक्वार्टर किसने बनाया, समाजवादियों ने बनाया. यह हेडक्वार्टर न होता तो शायद Police तंबुओं में लेकर बातचीत कर रही होती. Chief Minister को यह सोचना चाहिए और Government को भी यह सोचना चाहिए कि जितना Police का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा, जितनी हम व्यवस्था को अच्छा करेंगे, उतना हमें न्याय मिलेगा. व्यवस्था को खराब नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि 50 जिलों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं, अभी तक की इस Government में. 50 जिले होंगे जहां तोड़ी गई हैं. Government ने क्या कार्रवाई की. Government खुद करने देती है. उसके बाद वोट के लिए छतरी लगाना चाहते हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि जहां हम लोग बैसाखी का त्योहार मना रहे हैं, एक दूसरे से मिलकर, खुशियां बांट रहे हैं, और समाज में भाईचारा रहे, प्रेम रहे, आपस में हम एक दूसरे का आदर और सम्मान करें. वहीं बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर जी का संविधान सभी धर्मों को बराबर का हक देता है. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर पहली बार ऐसा हो रहा होगा कि हर वर्ग के लोग उस जयंती को मना रहे हैं. अगर हम पॉलिटिकल पार्टियों पर ध्यान दें, तो शायद India के इतिहास में इतने Political दलों के नेताओं ने मिलकर एक साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की जयंती नहीं मनाई होगी, जितनी आज मनाई जा रही है. इसका मतलब यह है कि हम सब मिलकर चाहते हैं कि संविधान से देश चले, कानून से चले, नियमों से चले.

डीकेएम/पीएम

Leave a Comment