
Lucknow, 11 मई . Samajwadi Party (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने Prime Minister Narendra Modi की पेट्रोल, डीजल और गैस का कम इस्तेमाल करने की अपील पर तंज कसते हुए भाजपा Government को देश के लिए सबसे बड़ा ‘संकट’ बताया.
उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही Government को आर्थिक हालात और पाबंदियों की याद आ गई, जबकि चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने जमकर संसाधनों का इस्तेमाल किया.
सपा प्रमुख ने महंगाई, गिरते रुपये, बेरोजगारी और विदेश नीति को लेकर केंद्र Government पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और जनता अब इसका जवाब देने के लिए तैयार है.
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”चुनाव खत्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया. दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ एक है और उसका नाम है: ‘भाजपा’. इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा Government के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गई है. डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है.
उन्होंने लिखा, ”सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है. भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं. हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘Lucknow से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘Ahmedabad से लेकर गुवाहाटी’ तक.
अखिलेश यादव ने तंज भरे लहजे में कहा कि वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हजारों चार्टर हवाई यात्राएं करीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही हैं क्या? इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी. Government का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफरा-तफरी फैलाना नहीं.
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर Government नहीं चला पा रहे हैं तो भाजपाई अपनी नाकामी स्वीकार करें, देश को बर्बाद न करें. वैसे भी इन हालातों की असली वजह विदेश नीति के मामले में देश की परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा Government का हटकर कुछ गुटों के पीछे, कुछ खास वजहों और दबावों की वजह से चलना है. इसका खामियाजा देश की जनता को महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी और मंदी की मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर से लेकर हर युवा, हर गृहिणी, नौकरीपेशा, पेशेवर, कारोबारी मतलब हर कोई इसकी चपेट में आ गया है. सच तो ये है कि भाजपा विदेश नीति और गृह नीति दोनों में फेल हो गई है. ये अपील भाजपा Government की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है. दरअसल वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया.
उन्होंने कहा कि भाजपाइयों ने चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित कर दिया है, नफरत फैलाकर समाज के सौहार्द को बर्बाद कर दिया है. अपने चाल-चलन से भाजपाइयों ने संस्कृति-संस्कार को कलुषित कर दिया है, साधु-संतों पर प्रहार और आरोप लगाकर धर्म तक को नहीं छोड़ा है और अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं. इस तरह तो सांस्कृतिक, धार्मिक, Political, सामाजिक और आर्थिक हर क्षेत्र में भाजपा ने देश का बंटाधार कर दिया है. इस अपील के बाद देश की जनता में अचानक आक्रोश का जो उबाल आया है, उसका प्रबंधन भाजपा किसी चुनावी जुगाड़ की तरह नहीं कर पाएगी, अब भाजपा हमेशा के लिए जाएगी. देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा.
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विकेटी/एसके