
Lucknow, 31 मई . उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल और Gujarat के आणंद जिले में एक निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज के गिरने को लेकर केंद्र Government पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे होते रहते हैं, लेकिन ठेकेदारों के खिलाफ कोई सख्त एक्शन नहीं लेती. साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की.
अजय राय ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी इसी तरह के हादसे हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी पुल गिरने की घटना हुई थी, जो Prime Minister के संसदीय क्षेत्र में आती है और वहां कई लोगों की जान गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ठेकेदारों पर को सख्त कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि वे ठेकेदार Gujarat के थे. केवल इंजीनियरों को जेल भेज दिया था.
उन्होंने कहा कि अब ऐसा ही हादसा यूपी के हमीरपुर में हुआ है और ठेकेदार का पता ही नहीं. कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. मोरबी में हुआ था, तब भी कुछ नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि Gujarat के ठेकेदारों को देकर कमिशनखोरी की जा रही है और जनता मर रही है.
उन्होंने मांग की कि ऐसे हादसों में मरने वाले लोगों के परिवारों को तुरंत एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और घायलों को कम से कम पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए.
इसके साथ ही उन्होंने उत्तर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. अजय राय ने कहा कि प्रदेश में लगातार हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है. उन्होंने गाजियाबाद में हाल ही में हुई कई हत्याओं का जिक्र किया, जिनमें एक फल व्यापारी, सूर्या नामक युवक, विनीत राय, भाजपा युवा मोर्चा के नेता शिवम सिंह और पैरा ओलंपियन चिराग त्यागी की हत्या शामिल है.
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है. पूरा प्रदेश अब जंगलराज बन चुका है. हत्या पर हत्या हो रही है और Government सिर्फ दावे कर रही है.
अजय राय ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे प्रदेश की कानून व्यवस्था संभाल नहीं पा रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और गोरखपुर मठ लौट जाना चाहिए.
वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. अजय राय ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि Political मतभेद के बावजूद सभी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.
–
पीआईएम/डीकेपी