एआई बदल रहा है विज्ञापन उद्योग की तस्वीर, भारत बन सकता है वैश्विक एडटेक हब: रिपोर्ट

New Delhi, 2 जून . Tuesday को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वैश्विक विज्ञापन उद्योग के हर स्तर को तेजी से बदल रहा है और India को दुनिया की अग्रणी एडटेक (विज्ञापन प्रौद्योगिकी) कंपनियों का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है.

कंसल्टिंग फर्म रेडसीर की रिपोर्ट के अनुसार, India में हर साल लगभग 27 लाख इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी छात्रों का नामांकन होता है. इसके अलावा देश में 2 करोड़ से 2.4 करोड़ गिटहब डेवलपर्स और लगभग 1,900 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) मौजूद हैं, जो 65 से 75 अरब डॉलर का निर्यात राजस्व पैदा कर रहे हैं. यह मजबूत आधार एआई-आधारित उत्पाद विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन बाजार 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर चुका है. ऐसे में एआई विज्ञापन क्षेत्र को अधिक स्वचालित, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित मॉडल की ओर तेजी से ले जा रहा है, जिसमें India की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है.

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई मीडिया खरीद, क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, प्रदर्शन मापन, ई-कॉमर्स और ग्राहकों को लक्षित करने जैसी विज्ञापन उद्योग की लगभग हर प्रमुख प्रक्रिया को बदलना शुरू कर चुका है.

फर्म का अनुमान है कि India का डिजिटल विज्ञापन बाजार वर्ष 2025 में लगभग 21 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 33 अरब डॉलर से 42 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है. इससे एआई आधारित विज्ञापन नवाचार को देश में और अधिक गति मिलेगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन खर्च में डिजिटल माध्यमों की हिस्सेदारी अब लगभग 75 से 80 प्रतिशत हो चुकी है. वहीं, डिजिटल विज्ञापनों का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा पहले से ही प्रोग्रामेटिक तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है.

रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर मुकेश कुमार ने कहा, “इस बदलाव को जो बात अलग बनाती है, वह यह है कि एआई विज्ञापन उद्योग में केवल एक नई परत नहीं जोड़ रहा, बल्कि पूरे सिस्टम को एक साथ नए सिरे से परिभाषित कर रहा है.”

उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग-आधारित बोली प्रणाली, आइडेंटिटी ग्राफ, ट्रांसफॉर्मर-आधारित रिकमेंडेशन इंजन और एजेंटिक विज्ञापन ढांचे जैसी तकनीकों के विकास के लिए जिस इंजीनियरिंग क्षमता की जरूरत है, वह India ने पिछले तीन दशकों में तैयार की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मूल की एडटेक कंपनियां अब केवल तकनीकी सेवाएं देने वाली कंपनियां नहीं रह गई हैं, बल्कि वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं. साथ ही वे पारंपरिक सेवा कारोबार के बजाय सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म-आधारित अधिक लाभकारी मॉडल से कमाई कर रही हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ेगा, मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञापनदाताओं और प्रकाशकों के साथ बेहतर नेटवर्क तथा उन्नत एआई क्षमताओं वाले खुले इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत करेंगे.

डीबीपी

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