कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़, प्राकृतिक खेती ही भविष्य : सुखविंदर सिंह सुक्खू

शिमला, 26 अप्रैल . Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने Sunday को सोलन जिले के नौणी में स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की 34.31 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया और कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती ही भविष्य है.

उन्होंने हमीरपुर के नेरी में बागवानी और वानिकी कॉलेज में 107 छात्रों की क्षमता वाले एक छात्रावास का उद्घाटन किया, जिसे 3.63 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था. उन्होंने लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में कृषि विज्ञान केंद्र की प्रशासनिक इमारत का भी उद्घाटन किया, जिसे 1.48 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है.

Chief Minister ने हमीरपुर जिले में नेरी स्थित बागवानी और वानिकी कॉलेज और खग्गल स्थित बागवानी और वानिकी कॉलेज में, 50-50 कामकाजी महिलाओं की क्षमता वाले छात्रावासों की आधारशिला भी रखी. इनका निर्माण 8.57 करोड़ रुपए और 8.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा.

उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में 100 कामकाजी महिलाओं की क्षमता वाले एक छात्रावास की आधारशिला रखी, जिसका निर्माण 11.95 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा.

Chief Minister ने कहा कि प्राकृतिक खेती Himachal Pradesh का भविष्य है और Government इसे सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है. किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने में विश्वविद्यालय की अहम भूमिका है. केंद्र Government की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के बावजूद, राज्य Government शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, और इन क्षेत्रों के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित कर रही है.

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से जुड़े 2 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से करीब 1.98 लाख किसानों को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं. कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है. राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और लगभग 53.95 प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर है. इसे ध्यान में रखते हुए, Government ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रगतिशील नीतियां और किसान-हितैषी पहल लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

Chief Minister ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए, राज्य Government प्राकृतिक रूप से उगाई गई फसलों के लिए देश में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान कर रही है.

एसडी/एबीएम

Leave a Comment