
Mumbai , 29 अप्रैल . शिवसेना यूबीटी द्वारा 12 मई को होने वाले Maharashtra विधान परिषद चुनाव में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे को उम्मीदवार घोषित करने के बाद महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में दरारें उभर आई हैं.
कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी, खासकर तब जब शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने 13 मई को उच्च सदन में अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव से हटने का फैसला किया है.
Maharashtra प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की है कि पार्टी राज्य विधानसभा परिषद चुनावों में अपना उम्मीदवार उतारेगी. उन्होंने शिवसेना यूबीटी द्वारा उद्धव ठाकरे के बजाय अंबदास दानवे को उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है.
पिछले सप्ताह सपकाल और राज्य कांग्रेस विधानसभा दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने घोषणा की थी कि पार्टी राज्य विधानसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे का समर्थन करेगी और अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी. हालांकि, दोनों ने संकेत दिया था कि यदि उद्धव ठाकरे चुनाव न लड़ने का फैसला करते हैं, तो कांग्रेस चुनाव मैदान में उतरेगी.
नौ सीटों के चुनाव के लिए कोटा 29 वोट है. वर्तमान में एमवीए की संख्या 46 है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16 और एनसीपी (एसपी) के 10 सदस्य शामिल हैं. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है.
पिछले सप्ताह सपकाल ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें कांग्रेस पार्टी का समर्थन दिया. सपकाल ने उद्धव ठाकरे को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का प्रमुख चेहरा बताते हुए उनका पुरजोर समर्थन किया और कहा कि गठबंधन उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगा.
हाल ही में हुई एक बैठक के बाद, सपकाल ने इस बात पर जोर दिया कि अगर ठाकरे विधानसभा चुनाव लड़ते हैं, तो इसका स्वागत किया जाएगा. सपकाल ने घोषणा की कि उद्धव ठाकरे Maharashtra में महा विकास अघाड़ी का निर्विवाद चेहरा हैं. उन्होंने कहा कि ठाकरे का विधानसभा में जाना खुशी की बात है और इस बात पर बल दिया कि गठबंधन तभी आगे बढ़ेगा जब ठाकरे इसका नेतृत्व करेंगे.
इससे पहले, भाजपा पहले ही पांच उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जबकि शिवसेना ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है. एनसीपी ने Wednesday सुबह उपChief Minister सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी की बैठक की और कुछ नामों को शॉर्टलिस्ट किया. पार्टी द्वारा Wednesday देर शाम तक अपने उम्मीदवार की घोषणा किए जाने की उम्मीद है.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर कांग्रेस अपने रुख पर अडिग रहने का फैसला करती है, तो शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) को क्रॉस-वोटिंग से बचने के लिए अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास करना होगा.
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एमएस/