
काबुल, 20 मार्च . Pakistan और अफगानिस्तान ने ईद के मद्देनजर 18 से 23 मार्च अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति जताई है, लेकिन अफगानिस्तान का आरोप है कि Pakistan की सेना युद्ध विराम के बावजूद गोलाबारी कर रही है. अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने Pakistan की सेना पर डूरंड लाइन पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीमा क्षेत्रों में Pakistanी सेना के किए हमलों में कई लोगों की मौत हुई है. यह जानकारी अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बयान में दी गई. फितरत ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद Pakistan की लगातार हो रही गोलाबारी यह दिखाती है कि इस्लामाबाद इस समझौते को लेकर गंभीर नहीं है और वह धोखा दे रहा है.
उन्होंने कहा कि हालात और न बिगड़ें, इसलिए अफगानिस्तान ने अब तक कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है और वह युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले दोबारा हुए तो युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और तालिबान Pakistan की कार्रवाई का निर्णायक जवाब देगा.
Wednesday को अफगानिस्तान ने कहा था कि वह ईद के मौके पर अपनी ‘रद अल-जुल्म’ रक्षात्मक कार्रवाई को रोक देगा. यह फैसला सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों के अनुरोध पर किया गया था.
Pakistan ने भी ईद के लिए सैन्य कार्रवाई में अस्थायी विराम देने की घोषणा की थी. Pakistan के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा था कि यह फैसला क्षेत्रीय मध्यस्थों के आग्रह पर लिया गया.
अधिकारियों के मुताबिक Pakistanी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 70 से अधिक तोप के गोले दागे. स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुनार के सूचना और संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उर-रहमान स्पिन घर ने बताया कि नरई जिले के बारिकोट, डोकलाम और त्सोंगलई समेत कई इलाकों में 35 गोले दागे गए. इसके अलावा मनोगई जिले के कुछ हिस्सों में 37 गोले गिरने की खबर है.
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है, जबकि अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
16 मार्च को Pakistanी हवाई हमले में काबुल के ओमिद नशामुक्ति केंद्र/अस्पताल को निशाना बनाया गया. जब अफगानिस्तान ने आम नागरिकों पर हमले को लेकर Pakistan को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरा तो Pakistan ने कहा कि उसने किसी नागरिक ठिकाने को नहीं, बल्कि सैन्य ढांचे और “आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया था.
पिछले Tuesday को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने काबुल पर Pakistanी हवाई हमलों की निंदा की थी और इसे मानवीय तथा इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया था. उन्होंने कहा था कि Pakistanी हमले में 408 से अधिक लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें अधिकांश नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे मरीज थे.
काबुल में राजनयिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा था कि Pakistanी हवाई हमले में समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से एक यानी नशे की लत का इलाज करा रहे लोगों को निशाना बनाया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी से अब तक अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में नागरिक इलाकों पर बार-बार हमले हुए हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान पर भरोसा कम हुआ है. मुत्ताकी ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान बल रक्षात्मक जवाब देता रहेगा. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जरूर करेगा.
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वीसी