
नई दिल्ली, 17 अप्रैल . तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि Lok Sabha में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल गिरने के बाद जो हालात बने हैं, उससे भाजपा की बेचैनी सबके सामने आ गई है. उन्होंने Lok Sabha में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल गिरने पर प्रतिक्रिया दी.
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि Lok Sabha में महिला आरक्षण बिल की हार के बाद जो हालात बने हैं, उससे भाजपा की बेचैनी सबके सामने आ गई है.
महिला आरक्षण अधिनियम, जो महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देता है, उसे सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया था.
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि अगर एनडीए Government सच में गंभीर है तो उसे तुरंत एक-तिहाई सीटों को नोटिफाई करने वाला बिल लाना चाहिए. अभी करो.
टीएमसी ने न सिर्फ सैद्धांतिक रूप से इसका समर्थन किया है, बल्कि असल में इससे कहीं ज्यादा किया है—संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 41 प्रतिशत से भी ज्यादा है.
संवैधानिक 131वां संशोधन बिल 2026 को इंडिया गठबंधन ने खारिज कर दिया है. Lok Sabha की सीटों को बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने की कोशिश ने निष्पक्षता और संतुलन को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं.
एनडीए Government का समय अब खत्म होने वाला है, और सत्ता पर उसके नियंत्रण का भ्रम अब सबके सामने ही टूटता हुआ नजर आ रहा है.
दरअसल, Lok Sabha में Friday को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका. मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जिसके चलते यह विधेयक पास नहीं हो पाया.
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एएसएच/डीकेपी