टीवी इंडस्ट्री की कास्टिंग प्रक्रिया पर आंचल खुराना ने उठाए सवाल, बोलीं- खतरे में भविष्य

Mumbai , 2 जून . Actress आंचल खुराना ने टेलीविजन इंडस्ट्री में चल रही कास्टिंग प्रक्रिया और कलाकारों को मिलने वाले पारिश्रमिक को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. उनका मानना है कि गलत कास्टिंग और प्रतिभाशाली कलाकारों की अनदेखी के कारण टीवी इंडस्ट्री को भविष्य में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

से बातचीत के दौरान आंचल ने कहा कि आजकल निर्माता और कास्टिंग टीम कम बजट में काम करने वाले कलाकारों को प्राथमिकता दे रहे हैं. उनके अनुसार, नए कलाकार कम पैसों में काम करने को तैयार हो जाते हैं, जबकि स्थापित कलाकारों की फीस अधिक होती है. ऐसे में उन कलाकारों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है जिन्होंने सालों की मेहनत से इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन वे बहुत बड़े स्टार भी नहीं हैं.

आंचल का कहना है कि कई बार शो में केवल एक-दो अनुभवी कलाकारों को लिया जाता है और बाकी भूमिकाओं के लिए ऐसे लोगों को चुन लिया जाता है जिन्हें अभिनय का ज्यादा अनुभव नहीं होता. उनका मानना है कि केवल लोकप्रियता, social media फॉलोअर्स या आकर्षक व्यक्तित्व के आधार पर कलाकारों का चयन किया जा रहा है, जबकि अभिनय क्षमता को नजरअंदाज किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि एक अच्छा Actor दर्शकों से बेहतर जुड़ाव बना सकता है और शो की गुणवत्ता को बढ़ाता है. लेकिन यदि किसी नए कलाकार को सिर्फ उसकी लोकप्रियता के कारण मुख्य भूमिका दी जाती है, तो उसे अभिनय सीखने में समय लगता है, जिसका असर शो की शुरुआत और उसकी सफलता पर पड़ता है.

15 सालों से अधिक समय से इंडस्ट्री में सक्रिय आंचल ने बताया कि उन्हें आज भी कई प्रोजेक्ट्स के लिए प्रतिदिन केवल 5 हजार से 7 हजार रुपए तक का भुगतान ऑफर किया जाता है. उनके अनुसार, यह राशि उनके अनुभव और उपलब्धियों के मुकाबले बेहद कम है. उन्होंने इसे निराशाजनक और अपमानजनक बताया.

आंचल ने यह भी कहा कि टीवी शो पहले की तरह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं. उनका मानना है कि केवल कुछ वरिष्ठ कलाकार किसी शो को लंबे समय तक नहीं बचा सकते. उन्होंने सुझाव दिया कि कास्टिंग के दौरान अनुभवी कलाकारों के ऑडिशन चैनलों तक जरूर पहुंचाए जाने चाहिए ताकि प्रतिभा को उचित अवसर मिल सके.

अंत में आंचल ने चेतावनी दी कि यदि इंडस्ट्री ने अपने काम करने के तरीकों में सुधार नहीं किया तो आने वाले समय में ओटीटी और फिल्में आगे निकल जाएंगी, जबकि टेलीविजन की लोकप्रियता लगातार घटती जाएगी.

एमटी/एएस

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