
Mumbai , 27 जून . Bollywood के मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता आनंद एल राय आज उन चुनिंदा फिल्मकारों में शुमार हैं जिन्होंने छोटे शहरों की कहानियों को बड़े पर्दे पर अलग अंदाज में पेश किया. ‘तनु वेड्स मनु’, ‘रांझणा’ और ‘तेरे इश्क में’ जैसी फिल्मों के लिए पहचान बनाने वाले आनंद एल राय की सफलता का सफर आसान नहीं रहा. शुरुआती दौर में उन्हें कई संघर्षों का सामना करना पड़ा.
28 जून 1971 को दिल्ली में जन्मे आनंद एल राय की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई भी दिल्ली में ही हुई. शुरुआत में उनका सपना फिल्म निर्देशक बनने का नहीं था. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद एक आईटी कंपनी में नौकरी करने लगे.
हालांकि, नौकरी में उनका मन नहीं लगा और धीरे-धीरे उनका रुझान रचनात्मक दुनिया की ओर बढ़ने लगा. उनके बड़े भाई टीवी इंडस्ट्री में निर्देशक थे. वहीं से उन्हें भी टीवी शो में काम करने का अवसर मिला. इसी दौरान उन्होंने कैमरा, कहानी और निर्देशन की बारीकियां सीखीं.
इसके बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. साल 2007 में उनकी पहली फिल्म ‘स्ट्रेंजर्स’ आई, जो एक थ्रिलर थी और हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रेंजर ऑन ए ट्रेन’ से प्रेरित थी. लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर पाई. इसके बाद 2008 में आई उनकी फिल्म ‘थोड़ा लाइफ थोड़ा मैजिक’ भी दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई. लगातार दो फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद किसी भी निर्देशक के लिए टूट जाना आसान होता है, लेकिन आनंद एल राय ने यहीं से सीख लेना शुरू किया. उन्होंने समझा कि शायद वह उस तरह की कहानियां नहीं बना रहे हैं जो दर्शकों के दिल से जुड़ सकें.
उन्होंने अपनी फिल्मों और दर्शकों की पसंद को समझने के लिए समय लिया. करीब तीन साल बाद वर्ष 2011 में उन्होंने ‘तनु वेड्स मनु’ बनाई, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी. छोटे शहर की पृष्ठभूमि, देसी किरदार, प्रभावशाली संवाद और भावनात्मक कहानी ने इस फिल्म को बड़ी सफलता दिलाई.
इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ का निर्देशन किया, जो पहली फिल्म से भी बड़ी हिट साबित हुई. इस सफलता ने उन्हें Bollywood के प्रमुख निर्देशकों की श्रेणी में ला खड़ा किया.
इस बीच उन्होंने ‘कलर येलो प्रोडक्शंस’ की स्थापना की. इस बैनर तले बनी ‘रांझणा’ (2013) से Actor धनुष ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पदार्पण किया और उनके अभिनय की काफी सराहना हुई. इसके अलावा, उनके प्रोडक्शन हाउस ने ‘निल बटे सन्नाटा’, ‘शुभ मंगल सावधान’ और ‘हसीन दिलरुबा’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया. वहीं, निर्देशक के रूप में उन्होंने शाहरुख खान अभिनीत ‘जीरो’ का निर्देशन भी किया.
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पीआईएम/एएस