
इस्लामाबाद, 21 अप्रैल . Pakistan के पंजाब का अटक पिछले कुछ साल से सुर्खियों में है. यहां सोने का बड़ा भंडार मिला और अब इस पर खनन का काम चालू है. इस बीच जिनकी जमीन है यानी भू-स्वामी उन्हीं के खिलाफ Government ने केस दर्ज करा दिया है. आरोप है कि ये लोग Governmentी काम में बाधा डाल रहे हैं.
इस मसले को लेकर प्रांतीय असेंबली में जबरदस्त शोर मचा. विपक्ष पारदर्शिता का सवाल उठा Government को कटघरे में खड़ा कर रहा है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता और अटक से एमपीए काजी अहमद अकबर ने विधानसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसमें सोने से होने वाले राजस्व के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई थी. उन्होंने जमीन मालिकों को उनका हक (रॉयल्टी) देने के बजाय उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाने पर भी चिंता जताई.
Pakistan के प्रमुख दैनिक ‘डॉन’ से बात करते हुए, काजी ने कहा कि जमीन मालिकों को “Governmentी काम में बाधा डालने” के आरोप में मुकदमों में फंसाया जा रहा है, जबकि इसके बजाय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि खदान पट्टेदार उन्हें रॉयल्टी का भुगतान करें.
इसके जवाब में, पंजाब के खान और खनिज मंत्री शेर अली गोरचानी ने कहा कि प्रांत की संपत्तियां वहां के लोगों की हैं और Government इस खोज से जुड़ी जमीनी हकीकत देश के सामने रखेगी, भले ही काजी इसके विपरीत दावा कर रहे हों.
मंत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि पंजाब Government उस तरह की “लूट-खसोट” को पंजाब में नहीं होने देगी, जैसी खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में देखने को मिली थी. उन्होंने दावा किया कि Chief Minister मरियम नवाज के नेतृत्व में इस संबंध में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, और साथ ही विपक्ष और केपी Government पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए.
जैसे-जैसे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक बढ़ती गई, सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया, खासकर तब जब विपक्षी सदस्य मियां आसिफ अली बग्गा ने कटाक्ष किया कि “मरियम नवाज के अलावा किसी और को चोरी करने की इजाजत नहीं है.”
उप सचिव जहीर इकबाल चन्नार ने सदन को सूचित किया कि खान और खनिज विभाग ने प्रांतीय Government के लिए पहले ही अरबों रुपये का राजस्व अर्जित कर लिया है.
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केआर/