‘9 लोगों की कुर्बानी’ वाले बयान पर अनंत सिंह की सफाई, बोले- बात को उल्टा समझा गया

Patna, 16 अक्टूबर . बिहार में जेडीयू विधायक अनंत सिंह का एक बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार का साथ देने के दौरान अपने नौ लोगों की मौत और खुद को गोली लगने का जिक्र किया था. अब इस बयान को लेकर अनंत सिंह ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया और मीडिया में इसका उल्टा अर्थ निकाला जा रहा है. अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका कहना था कि नीतीश कुमार के साथ आने के बाद लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में उनके लोगों को निशाना बनाया गया था.
अनंत सिंह ने कहा कि उनके बयान को इस तरह पेश किया जा रहा है, जैसे नौ लोगों की हत्या नीतीश कुमार के लिए हुई थी. उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि उनकी बात का आशय कुछ और था. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने नीतीश कुमार का समर्थन करना शुरू किया, तब उनके लोगों को नुकसान उठाना पड़ा. पुराने Political घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लालू प्रसाद यादव की Government थी. इस दौरान उनके 9 लोगों की मौत हुई और उन्हें खुद भी गोली लगी थी. उन्होंने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम का असर उनके परिवार पर पड़ा और उनके पिता की भी मौत हो गई.
अनंत सिंह ने कहा कि वह पहले लालू प्रसाद यादव के साथ थे, लेकिन बाद में नीतीश कुमार का समर्थन करने लगे. इसी के बाद उनके लोगों पर कार्रवाई हुई. उनका बयान इसी पुराने घटनाक्रम को लेकर था, न कि यह कहने के लिए कि नीतीश कुमार के लिए नौ लोगों की हत्या हुई. सिंह ने जेडीयू नेता नीरज कुमार के योगदान संबंधी बयान पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार का साथ देने के लिए काफी नुकसान उठाया और लंबे समय तक उनकी Political मदद की. उन्होंने दावा किया कि अपने क्षेत्र से नीतीश कुमार को समर्थन दिलाने में उनकी भूमिका रही और उन्होंने इसके बदले कोई आर्थिक लाभ नहीं लिया. उन्होंने सवाल किया कि नीरज कुमार ने पार्टी के लिए क्या कुर्बानी दी है.
जेडीयू में नाराजगी की चर्चाओं पर अनंत सिंह ने कहा कि वह पार्टी में हैं और नीतीश कुमार के साथ आज भी खड़े हैं. उन्होंने पार्टी छोड़ने की किसी मंशा से इनकार करते हुए कहा कि वह अपनी बात पार्टी के मंच पर रखना चाहते हैं. सिंह ने बताया कि उन्होंने पार्टी की बैठक में अपनी भूमिका और चिंताओं को उठाने का अवसर मांगा है. उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को उनकी जरूरत नहीं है, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया जाए.
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पीएसके/डीकेपी


