जीत तो जीत होती है, मगर अभी काफी सुधार की जरूरत है: स्मृति मंधाना

रायपुर, 16 अक्टूबर . भले ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने Friday को जिम्बाब्वे के खिलाफ शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए टी20 सीरीज के पहले मैच को 4 विकेट से अपने नाम किया, लेकिन कप्तान स्मृति मंधाना ने माना कि भारतीय टीम उस तरह नहीं खेल पाई जैसा वे चाहती थीं.
सिर्फ 115 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए India का स्कोर एक समय 19/4 हो गया था. इसके बाद दीप्ति शर्मा (49) और डेब्यूटेंट निक्की प्रसाद (39 नाबाद) ने 82 रनों की साझेदारी करते हुए India को 26 गेंदें शेष रहते जीत दिलाई. इसी के साथ ‘विमेन इन ब्लू’ ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है.
मैच के बाद मंधाना ने कहा, “बतौर टीम हम शायद उस तरह नहीं खेल पाए जैसा हमने सोचा था, लेकिन जीत तो जीत होती है. कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा: नंदनी शर्मा ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की, निक्की प्रसाद ने अपने पहले ही मैच में कमाल का संयम दिखाया, और दीप्ति शर्मा – खैर, वह तो लंबे समय से ऐसा ही प्रदर्शन करती आ रही हैं. वह इस खेल की एक सच्ची लीजेंड हैं. हम जीत से बहुत खुश हैं, लेकिन अभी भी काफी कुछ सीखने को मिला है और एक टीम के रूप में हमें कई चीजों पर काम करने की जरूरत है.”
कप्तान के तौर पर सबसे पहले किन कमियों को दूर करना चाहेंगी, इस सवाल पर स्मृति ने कहा कि इस बारे में ड्रेसिंग रूम में पहले ही बातचीत हो चुकी है. उन्होंने कहा, “मैंने ड्रेसिंग रूम में उन बातों पर चर्चा कर ली है. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, लोगों को इसके नतीजे जरूर दिखने लगेंगे. मैं अभी उन खास बातों का खुलासा नहीं करना चाहती, लेकिन हमने निश्चित रूप से उन पर चर्चा की है. अच्छी बात यह रही कि आज मैदान पर हमारी ऊर्जा बहुत शानदार थी – खासकर स्मृति और निक्की ने जिस तरह से पूरी जान लगाकर फील्डिंग की, वह हमारे लिए एक बड़ा सकारात्मक पहलू रहा.”
स्मृति ने यह भी माना कि एक अनजान टीम के खिलाफ खेलना अपने आप में एक चुनौती थी, हालांकि India ने डेथ ओवरों में धीमी गेंदों (स्लोअर बॉल्स) का बखूबी सामना किया. उन्होंने कहा, “जिम्बाब्वे की तारीफ करनी होगी, उनके बल्लेबाजों ने वाकई बेहतरीन क्रिकेट शॉट्स खेले. किसी अनजान टीम के खिलाफ खेलना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि आपको पता नहीं होता कि उनसे क्या उम्मीद की जाए, लेकिन मुझे लगता है कि पारी के आखिर में हमने जिस तरह से खुद को ढाला और धीमी गेंदों (स्लोअर वेरिएशंस) का इस्तेमाल किया, वह हमारे लिए बहुत कारगर रहा. हमने उनके खिलाफ पहले से तैयारी और योजना बनाई थी, लेकिन वीडियो फुटेज देखने और मैदान पर उनका सामना करने में बहुत फर्क होता है.”
दीप्ति की पारी के बारे में बात करते हुए, स्मृति ने कहा कि इस ऑलराउंडर के इरादे (इंटेंट) ने ही सारा फर्क पैदा किया. “उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की. जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजों पर हमला बोला, उससे उन्होंने उन्हें कभी भी जमने या हावी होने का मौका नहीं दिया. उनके इस इरादे के साथ बल्लेबाजी करते देख, मुझे दूसरे छोर से अपने शॉट्स खेलने का काफी आत्मविश्वास मिला.”
वहीं, जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन नकोमो ने अपनी गेंदबाजों की तारीफ में कहा, “मैं अपनी गेंदबाजी और हमारे जज्बे से बहुत प्रभावित हुई, जिसकी बदौलत हमने पावरप्ले में ही India का स्कोर 19/4 कर दिया. मैं हमेशा ऐसे प्रदर्शन से खुश रहूंगी. मुझे लगता है कि हमने सब कुछ सरल रखा—बस अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की, और फील्डिंग में भी एक-दूसरे का पूरा साथ दिया.”
हालांकि, जोसेफिन को लगा कि उनके बल्लेबाजों को स्ट्राइक रोटेट करने पर और ध्यान देना चाहिए था, क्योंकि जिम्बाब्वे की पारी (114/5) में 67 डॉट गेंदें रहीं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमें अपने ‘डॉट बॉल’ प्रतिशत पर काम करने की जरूरत है. हमने काफी डॉट गेंदें खेलीं; अगर हम उनमें से कुछ को सिंगल या डबल में बदल सकें, तो हमारी स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी.”
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आरएसजी


