
New Delhi, 22 दिसंबर . केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने Monday को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया. इस अवसर पर जीजीएसआईपीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा भी उपस्थित थीं.
अनुप्रिया पटेल ने सभा को संबोधित करते हुए स्नातक छात्रों को बधाई दी और India की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में सार्वजनिक चिकित्सा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज आपको जो डिग्रियां मिल रही हैं, वे मात्र योग्यता प्रमाण पत्र नहीं हैं. ये करुणा, समर्पण और दृढ़ता के गुण हैं, जिनका पालन आप अपने चिकित्सा पेशे में आगे करेंगे. उन्होंने युवा डॉक्टरों से नैतिक चिकित्सा पद्धति, करुणा और वंचित एवं हाशिए पर पड़े समुदायों की सेवा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को बनाए रखने का आग्रह किया.
पिछले 11 वर्षों में India के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि Government ने प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तरों पर स्वास्थ्य सेवा के संपूर्ण ढांचे को बदल दिया है. उन्होंने आगे कहा कि प्राथमिक स्तर पर, देश में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं जो लोगों को व्यापक प्राथमिक देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. Government बाल स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों जैसी माध्यमिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर कर रही है और हम तृतीयक देखभाल सुविधाओं के नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं तथा चिकित्सा शिक्षा को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं.
Union Minister ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है. एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है. स्नातक मेडिकल सीटों की संख्या 51,000 से बढ़कर 128,000 हो गई है, और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 31,000 से बढ़कर आज लगभग 82,000 हो गई है.
उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई योजना के तहत India की कुल जनसंख्या के 40 प्रतिशत से अधिक यानी 62 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है. यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है. उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister जन औषधि परियोजना और अमृत फार्मेसी जैसी योजनाएं भी हैं जो रियायती दरों पर दवाएं, चिकित्सा उपकरण और सर्जिकल इम्प्लांट उपलब्ध करा रही हैं.
इस अवसर पर 217 से अधिक स्नातकोत्तर छात्रों, 136 स्नातक छात्रों और 40 सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, और 43 छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण के सम्मान में पदक से सम्मानित किया गया.
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एमएस/डीकेपी