
New Delhi, 8 अक्टूबर . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST परिषद (GST काउंसिल) की 57वीं बैठक Thursday को New Delhi में आयोजित होगी. केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों वाली यह बैठक वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में अगले चरण के सुधारों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
GST परिषद सचिवालय के अनुसार, यह बैठक पहले Wednesday को आयोजित होनी थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से इसे एक दिन के लिए स्थगित कर Thursday को आयोजित करने का फैसला किया गया.
सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, परिषद बैठक में GST अनुपालन को और आसान बनाने के उद्देश्य से कई प्रक्रियागत सुधारों पर चर्चा हो सकती है. इनमें रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग, रिफंड प्रक्रिया, विवाद निपटान व्यवस्था और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े नियमों को सरल बनाने के प्रस्ताव शामिल हैं.
इन सुधारों का उद्देश्य करदाताओं और व्यवसायों के लिए अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना है. इसके साथ ही कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं.
बताया जा रहा है कि परिषद GST कानूनों को सरल बनाने संबंधी GST परिषद की लॉ कमेटी की सिफारिशों पर भी विचार करेगी. समिति ने ऐसे मामलों में अंतर करने की सिफारिश की है, जहां कर चोरी जानबूझकर की गई हो और जहां कर भुगतान में कमी या देरी अनजाने में हुई हो.
वर्तमान व्यवस्था के तहत सीGST अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत आयुक्त को कुछ मामलों में गिरफ्तारी की अनुमति देने का अधिकार है, यदि उन्हें यह विश्वास हो कि संबंधित व्यक्ति ने धारा 132 के तहत निर्दिष्ट गंभीर अपराध किए हैं, जिनमें कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले शामिल हैं.
बैठक में ई-कॉमर्स कारोबारियों और छोटे व्यवसायों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है.
Prime Minister Narendra Modi हाल ही में कह चुके हैं कि GST सुधारों का अगला चरण अनुपालन को और सरल बनाएगा तथा रिफंड प्रक्रिया में सुधार करेगा, जिससे उद्योगों को निवेश और विस्तार के लिए अधिक भरोसा मिलेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि अगले चरण के GST सुधारों का मुख्य फोकस रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, विवाद समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा.
गौरतलब है कि यह बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन India द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था.
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डीबीपी