बनास डेयरी बोर्ड में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी संसद में आरक्षण प्रस्ताव की झलक: हर्ष संघवी

गांधीनगर, 15 अप्रैल . Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी ने Wednesday को कहा कि बनास डेयरी के 36 लाख सदस्यों में से 11 लाख से ज्‍यादा महिलाएं हैं. उन्होंने Gujarat के डेयरी क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता लाने में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया.

उन्‍होंने कहा कि बनास डेयरी बोर्ड में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी संसद में आरक्षण प्रस्ताव की झलक है.

हर्ष संघवी वाव-थराद के सानदार गांव में बनास डेयरी परिसर में, बनास डेयरी (बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड) और Gujarat कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) द्वारा आयोजित संयुक्त ‘दूध दिवस’ और ‘महिला जागरूकता कार्यक्रम’ में बोल रहे थे.

इस मौके पर Gujarat विधानसभा अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी भी मौजूद थे.

संघवी ने कार्यक्रम में पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, “बनासकांठा की महिलाओं ने पशुपालन और दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में जबरदस्त काम किया है, जिससे न केवल Gujarat, बल्कि पूरी दुनिया की महिलाओं को प्रेरणा मिली है.”

उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि बनास डेयरी के 36 लाख सदस्य हैं, जिनमें लगभग 11 लाख महिलाएं हैं, जो दूध उत्पादन के काम से जुड़ी हैं. यह आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक जीता-जागता उदाहरण है.

संघवी ने कहा कि जहां एक तरफ Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है, वहीं बनास डेयरी ने पहले ही इसी तरह का प्रतिनिधित्व लागू कर दिया है. डेयरी ने अपने निदेशक मंडल में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की है.

उन्होंने पशु संरक्षण पर राज्य Government के रुख को भी दोहराया और कहा कि Government गौ-हत्या जैसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी ने बनास डेयरी से जुड़ी महिलाओं के योगदान और उनके दृढ़ संकल्प की जमकर तारीफ की. कार्यक्रम के दौरान कई महिला दूध उत्पादकों ने पशुपालन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए और इस क्षेत्र में अपनी अब तक की यात्रा के बारे में बताया.

जिन महिलाओं और पशुपालकों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, उन्हें अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया और कार्यक्रम के दौरान उन्हें पुरस्कार भी दिए गए. इस कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र के नेताओं, डेयरी के निदेशकों और पूरे जिले से बड़ी संख्या में पशुपालन से जुड़ी महिलाओं ने हिस्सा लिया.

एएसएच/डीकेपी

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