270 दिन समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन

बैंकॉक, 2 सितंबर . करीब नौ महीने तक लगातार समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है. लंबी और थकाऊ तैनाती के बाद पोत पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को अब कुछ दिनों के आराम का मौका मिला है.

थाइलैंड मीडिया आउटलेट डेली मेल के अनुसार, नेवी ने बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर Wednesday को पटाया पहुंचा, जहां उस पर सवार 5,000 नाविकों और मरीन को अमेरिका लौटने से पहले आराम करने का मौका मिलेगा. कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 के कमांडर, रियर एडमिरल रॉबर्ट लॉफ्रन ने एक बयान में कहा, “लैम चाबांग में हमारे पहुंचने से हमारे नाविकों और मरीन को आराम करने और नई ऊर्जा पाने का एक बहुत जरूरी मौका मिला है.”

यह पोत Wednesday को थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंचा. उसके साथ अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के अन्य युद्धपोत भी हैं. यह पड़ाव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सैनिक करीब 270 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में बिताने के बाद वापसी की राह पर हैं.

यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में कैलिफोर्निया से अपने अभियान पर निकला था. शुरुआत में उसकी तैनाती एशिया-प्रशांत क्षेत्र में थी, लेकिन बाद में बदलते हालात के बीच उसे मध्य पूर्व भेज दिया गया. ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियान में भी इस विमानवाहक पोत की अहम भूमिका रही.

इतनी लंबी तैनाती ने जहाज पर मौजूद सैनिकों के लिए हालात आसान नहीं छोड़े. लंबे समय तक समुद्र में रहने के दौरान काम का दबाव, सीमित निजी जगह और लगातार सैन्य तैयारियों ने नौसैनिकों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ाया. अमेरिकी मीडिया में जहाज पर रहने की परिस्थितियों और सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठे हैं.

थाईलैंड पहुंचने के बाद अमेरिकी सैनिकों को करीब पांच दिन का आराम मिलने की उम्मीद है. उन्हें लाम चाबांग से पटाया ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है.

हजारों अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होने की उम्मीद है. होटल, रेस्तरां, परिवहन और पर्यटन से जुड़े कारोबारों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

पटाया प्रशासन ने हालांकि सुरक्षा को लेकर भी व्यापक तैयारियां की हैं. बड़ी संख्या में Police और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है. स्थानीय कारोबारियों को अमेरिकी सैनिकों से मनमाने दाम वसूलने से बचने की सलाह भी दी गई है.

पटाया और अमेरिकी सेना का रिश्ता नया नहीं है. वियतनाम युद्ध के दौर से ही यह शहर अमेरिकी सैनिकों के आराम और मनोरंजन के प्रमुख ठिकानों में रहा है. हालांकि समय के साथ पटाया की पहचान एक बड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हुई है.

यूएसएस अब्राहम लिंकन को अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में राहत दी थी. इसके बाद अब वह अमेरिका लौटने की दिशा में है और थाईलैंड का पड़ाव उसके लंबे अभियान के बीच एक तरह का विश्राम स्थल बन गया है.

अमेरिकी नौसेना ने इसे अमेरिका और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों का हिस्सा बताया है.

केआर/

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