
New Delhi, 3 अक्टूबर . दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स को उम्मीद है कि 2027 पुरुष वनडे विश्व कप देश के क्रिकेटरों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा. उन्होंने बताया कि कैसे 2003 में देश में हुए एडिशन ने 19 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने की चाहत रखने वाले उनके शुरुआती सफर को आकार दिया. दक्षिण अफ्रीका 2 अक्टूबर से 21 नवंबर, 2027 तक जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ 50 ओवर के इस मेगा इवेंट को को-होस्ट करेगा.
डिविलियर्स ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर फैनकोड की एक खास चैट में से कहा, “2027 में वनडे वर्ल्ड कप 2003 के बाद पहली बार साउथ अफ्रीका वापस आ रहा है. 2003 वर्ल्ड कप ने मेरे करियर में बहुत बड़ा रोल निभाया. इसका मुझ पर बहुत बड़ा असर पड़ा. मुझे साफ तौर पर याद है कि एक ऑस्ट्रेलियाई ने यूनिवर्सिटी ऑफ प्रिटोरिया में एक क्रिकेटिंग क्लिनिक किया था. वहीं मैंने उस समय, 19 साल की उम्र में क्रिकेट खेला था. मैं एडम गिलक्रिस्ट को थोड़ा और बेहतर जान पाया. उन्होंने उस दिन मेरी विकेटकीपिंग स्किल्स पर काम किया.”
उन्होंने कहा, “उन्हें उस समय कोई आइडिया नहीं था कि मैं कौन हूं. मुझे उनके साथ एक बहुत अच्छा पल साफ तौर पर याद है. उन्होंने मुझे अपने बाएं हाथ पर काम करने के लिए कहा और कहा, ‘ऑल द बेस्ट, यंगस्टर.’ तीन साल बाद, मैंने उनके खिलाफ टेस्ट मैच और वनडे क्रिकेट खेला. इसका मुझ पर बहुत बड़ा असर पड़ा और मुझे पूरा यकीन है कि 2027 वर्ल्ड कप का भी साउथ अफ्रीका के युवाओं पर वैसा ही असर पड़ेगा, जो एक दिन अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद कर रहे हैं.”
डिविलियर्स ने कहा, “पैसे के हिसाब से, साउथ अफ्रीका में वर्ल्ड कप होना बहुत अच्छा है, जिसे नामीबिया और जिम्बाब्वे भी मिलकर होस्ट कर रहे हैं और मैं बाकी दुनिया के लोगों के आने और साउथ अफ्रीका के शानदार हिस्सों का मजा लेने और हम कितने अच्छे होस्ट हैं, यह देखने का इंतजार कर रहा हूं. मैं दक्षिण अफ्रीका का भी घरेलू मैदान पर समर्थन करना चाहूंगा. मैं इसका इंतजार कर रहा हूं और मुझे लगता है कि क्रिकेट शानदार होने वाला है, जैसा 2003 में था और उम्मीद है कि प्रोटियाज इस बार बेहतर परफॉर्म करेंगे.”
उन्होंने कहा, “जहां तक 2003 की बात है, परफॉर्मेंस के हिसाब से, यह अच्छी यादें वापस नहीं लाता है. लेकिन टीम अब सच में मजबूत दिख रही है. टीम के ज्यादातर लोग अभी भी दुनिया भर में काफी अनजान हैं. लेकिन मुझे पता है कि उनमें बहुत अच्छी केमिस्ट्री है. वहां एक शानदार कल्चर है और बहुत से लोग हैं, जो आपको क्रिकेट के मैच जिता सकते हैं और हमने इसे अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिखाया, ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ लगातार छठी वनडे सीरीज जीती. लड़कों के लिए यह वाकई अच्छा लग रहा है. एक बार वर्ल्ड कप शुरू होने के बाद, बहुत हाइप होगी, मीडिया और पब्लिक का बहुत ध्यान होगा और प्रोटियाज के लिए मेरा संदेश बस यही होगा कि अपने गोल पर फोकस रखें. उम्मीद है कि उनका वर्ल्ड कप वाकई अच्छा होगा.”
दो बार के चैंपियन India पर ध्यान देते हुए, डिविलियर्स ने टैलेंट की एक बेजोड़ पाइपलाइन बनाने में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की भूमिका पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, “भारतीय युवा खिलाड़ी आगे आ रहे हैं. मुझे लगता है कि आईपीएल एक शानदार प्लेटफॉर्म है. इसने भारतीय क्रिकेट के लिए इतने बड़े टैलेंट की नींव रखी है. यह भी जल्द ही बदलने वाला नहीं है. उनके पास बैटिंग और बॉलिंग डिपार्टमेंट में अलग-अलग कॉम्बिनेशन के साथ खेलने की काबिलियत है, और नेतृत्व के नजरिए से भी. वे सच में टैलेंट के गहरे पूल के साथ खेल सकते हैं, जो शानदार है. बहुत से युवाओं ने मुझे प्रभावित किया है और मैं बहुत खुश हूं. मैं खुद को लकी मानता हूं कि मैं भारतीय चयनकर्ता नहीं हूं. उनके पास जितनी प्रतिभा है, उसे देखते हुए यह एक मुश्किल काम है.”
डिविलियर्स ने कहा, “सच कहूं तो, इतने सारे नाम हैं कि गिनाना मुश्किल है. बहुत से लोग अलग दिखते हैं. वे साफ तौर पर अभी भी वर्ल्ड कप में जाने से पहले अपनी टीम के बैलेंस के साथ खेल रहे हैं. इंडिया हमेशा एक मजबूत स्पिन टीम के साथ आता है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वे किसे चुनते हैं. कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर हैं—चुनने के लिए बहुत सारे स्पिनर और खिलाड़ी हैं, और बैटिंग डिपार्टमेंट में भी बहुत प्रतिभा है. शायद यही सबसे बड़ा सिरदर्द है—उनके पास चुनने के लिए लगभग 10 बल्लेबाज हैं, जो सभी मैच विनर हैं.”
इंडिया के उभरते हुए खिलाड़ियों में, युवा बैटिंग सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बेखौफ हिटिंग से सबका ध्यान खींचा है और जुलाई में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू के बाद से ही इंडिया टी20 टीम में जगह बना ली है. डिविलियर्स ने सूर्यवंशी के स्ट्रोकप्ले की तारीफ की और उनसे सभी फॉर्मेट और कंडीशंस में खेलने के लिए लगातार अपने गेम पर काम करने की अपील की.
डिविलियर्स ने कहा, “उन्हें देखना बिल्कुल शानदार है. सच कहूं तो मुझे कोई हैरानी नहीं है. उनके लिए अगला फेज अलग-अलग फॉर्मेट में, अलग-अलग कंडीशंस में एक ब्लूप्रिंट ढूंढना है, यह समझते हुए कि हर गेम एक अलग चैलेंज देता है, और सिर्फ एक तरह से खेलने या अपने गेम के साथ वन-डाइमेंशनल होने के बजाय सिचुएशन के हिसाब से खेलना है. मैं उनसे अपने गेम को डेवलप करते रहने की अपील करूंगा.”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जब वह इंग्लैंड टूर पर गया तो उसे थोड़ा समझ आया, और उसे एहसास हुआ कि यह हमेशा इतना आसान नहीं होता. आप बस आकर हमेशा लाइन के पार हिट नहीं कर सकते. हर गेम एक अलग सिचुएशन होता है. मेरा उसे संदेश यही होगा कि वह हर एक मैच को देखे. यह समझे कि उस खास दिन उसे किस चीज का सामना करना पड़ रहा है, और उसके जो भी फैसले हों, उनकी रिस्पेक्ट करे. यह उसके करियर का अगला फेज है. मैं उसे गेम के सभी फॉर्मेट्स में खेलते हुए देखना पसंद करूंगा. टेस्ट क्रिकेट के लिए ऐसे प्लेयर्स को आगे बढ़ते देखना बहुत अच्छा होगा. उम्मीद है कि उसके करियर में एक चैप्टर ऐसा होगा, जहां वह थोड़ा टेस्ट क्रिकेट खेलेगा. उसके पास दुनिया का सारा टैलेंट है. उसने जो उपलब्धि हासिल की है, वह शानदार है. वह अभी भी बहुत युवा है, मैं उस यात्रा को आगे बढ़ते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं.”
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पीएके