
चेन्नई, 22 जनवरी . कन्नड़ सिनेमा के प्रसिद्ध Actor सतीश निनासम अपनी आने वाली फिल्म ‘द राइज ऑफ अशोका’ को लेकर काफी उत्साहित हैं. यह फिल्म 70वें दशक के उस समय की कहानी पर आधारित है, जब कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा के पास रहने वाले एक युवक ने समाज के पुराने नियमों और परंपराओं को चुनौती दी.
सतीश निनासम ने प्रेस मीट के दौरान खुलासा किया, ”इस फिल्म में कम से कम 1,000 कलाकार शामिल हैं और इसे शूट करने में कुल 138 दिन लगे. यह फिल्म अपनी भारी भरकम कास्ट, विशाल सेट और विस्तृत योजना के कारण कई मायनों में विशेष महत्व रखती है.”
Actor ने कहा, ”यह कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो Governmentी नौकरी पाने की कोशिश करता है और अपने परिवार और समुदाय में लागू परंपराओं के बंधनों से खुद को आजाद करना चाहता है. यह कहानी केवल एक व्यक्ति के संघर्ष की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के सामाजिक बदलाव की प्रेरक कहानी है.”
सतीश निनासम ने बताया, ”उस समय के परिवेश और जीवनशैली को फिर से बनाने में कई चुनौतियां थीं. अब के समय में गांवों में बड़े-बड़े मकान और सड़कें हैं, जबकि उस समय की वास्तविकता पूरी तरह अलग थी. इसलिए फिल्म में पुराने जमाने के कच्चे घर, कच्चे रास्ते और उस समय के दैनिक जीवन की सादगी को असली दिखाने की कोशिश की गई है.”
सतीश ने कहा, ”फिल्म में शामिल प्रत्येक कलाकार के हाव-भाव, पोशाक और अभिनय पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि कहानी का वास्तविकता से मेल खाता अनुभव दर्शकों तक पहुंच सके. इस फिल्म में सभी पात्रों का महत्व है और उनकी भूमिका केवल पृष्ठभूमि भर नहीं है, बल्कि कहानी की गहराई और प्रभाव को बढ़ाने में मदद करती है.”
Actor ने बताया, ”निर्देशक ने सीजी तकनीक (कंप्यूटर जनित चित्रण) का उपयोग करके 1,400 शॉट्स को यथासंभव वास्तविक दिखाया है. फूलों से भरे खेतों को बड़ा दिखाना या बिजली के तारों को सीन्स से हटाना, जैसी विजुअल्स के लिए सीजी की मदद ली गई. इस काम को पूरे होने में लगभग छह महीने लगे. सीजी इस तरह से तैयार किया गया है कि दर्शक इसे पकड़ भी नहीं पाएंगे और फिल्म वास्तविक और प्राकृतिक लगेगी.”
फिल्म में सप्तमी गौड़ा मुख्य भूमिका में हैं, जो पहले फिल्म ‘कांतारा’ में नजर आ चुकी हैं.
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पीके/एबीएम