
Patna, 24 अगस्त . बिहार में परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर राजनीति लगातार गरमाती जा रही है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने परीक्षा सुधार, शिक्षक भर्ती को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन, Jharkhand में भर्ती सुधार यात्रा, भागलपुर में बाढ़ और तटबंध टूटने, एसआईआर को लेकर चल रही बहस, अयोध्या में मछली दावत जैसे कई मुद्दों पर Government को घेरा. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर Government को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है.
बिहार Government की ओर से पेपर लीक रोकने के लिए पांच सदस्यीय पैनल बनाए जाने के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने Government के कदम पर भरोसा जताने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कम से कम 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है. अब Government रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाने और दूसरे उपाय करने की बात कर रही है, लेकिन सवाल यह है कि इससे व्यवस्था में कितना सुधार होगा. देश में जज हों या राजनेता, सभी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं.
उन्होंने संजीव मुखिया को क्लीन चिट दिए जाने का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों के बाद Government के नए कदमों पर भरोसा करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि अब देश के युवा जाग चुके हैं और वे अपने अधिकार तथा भविष्य के लिए संघर्ष करेंगे. उनके मुताबिक परीक्षा में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार युवाओं के लिए सबसे अहम मुद्दों में से हैं.
Jharkhand में छात्रों की ओर से निकाली जा रही ‘भर्ती सुधार यात्रा’ पर राजद विधायक ने छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि Jharkhand ही नहीं, बल्कि देश के किसी भी राज्य में अगर छात्र भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन या मार्च करते हैं तो उनका समर्थन किया जाना चाहिए. देश में बड़ी संख्या में युवा हैं और वही देश का भविष्य हैं. ऐसे में रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. वह युवाओं और उनके भविष्य के साथ खड़े हैं.
भागलपुर में गंगा नदी के तटबंध टूटने की घटना को लेकर भी भाई वीरेंद्र ने Government पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ आती है और कई जगह तटबंध टूट जाते हैं. इन तटबंधों के निर्माण और मरम्मत पर हर साल करोड़ों-अरबों रुपए खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा. उन्होंने विधानसभा में पूर्व मंत्री की ओर से तटबंध टूटने के लिए चूहे को जिम्मेदार बताए जाने की बात का भी जिक्र किया. भाई वीरेंद्र ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब कहीं चोरी होती है तो उसका दोष भी चूहे पर डाल दिया जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं होता और वित्तीय अनियमितताएं होती हैं, वहां तटबंध टूटने की आशंका बनी रहती है. उन्होंने पुराने निर्माण कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय बनाए गए कई घर और पुल आज भी टिके हुए हैं, जबकि मौजूदा समय में बनने वाले कई पुल पांच से दस साल में ही खराब होने लगते हैं.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच भाई वीरेंद्र ने इसे भी Political और लोकतांत्रिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुद्दा बताया. विपक्ष की ओर से लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि दस्तावेजों की कमी के कारण कहीं वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर न हो जाएं. इस मुद्दे पर Government और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं.
अयोध्या में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह के दौरान आयोजित मछली दावत को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह शाकाहारी हैं और मछली नहीं खाते. इसलिए इस मामले पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जो लोग मांसाहार करते हैं, उनके लिए सावन के नियमों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हो सकती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं शाकाहारी हैं, इसलिए इस विषय में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते.
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पीएसके